Skandmata Aarti: मां स्कंदमाता की आरती से दूर होंगे सब कष्ट, बरसेगी कृपा, इसके बिना अधूरी है पूजा
चैत्र नवरात्रि के बीच आज 24 मार्च को स्कंद षष्ठी का व्रत मनाया जाएगा। पढ़ें माता की आरती, जिसके बिना अधूरी है पूजा।

Maa Skandmata Aarti: मां स्कंदमाता की आरती

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेक्स, नई दिल्ली। शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी देवी-देवता की पूजा तब तक पूरी नहीं होती, जब तक अंत में श्रद्धाभाव से उनकी आरती न की जाए। आरती करने से पूजा के दौरान हुई गलतियों की क्षमा मिलती है और मां प्रसन्न होकर भक्तों की झोली भरती हैं। अगर आप भी आज नवरात्र का व्रत (Navratri Ka vrat) रख रहे हैं, तो पूजा के समापन पर नीचे दी गई आरती जरूर गाएं।
पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र महीने (Chaitra Month) के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 23 मार्च 2026 की शाम 06 बजकर 38 मिनट से शुरू हो चुकी है। यह तिथि अगले दिन यानी 24 मार्च को शाम 04 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी।
स्कंदमाता की आरती | Maa Skandmata Aarti in Hindi
जय तेरी हो स्कंद माता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता॥
सबके मन की जानन हारी।
जग जननी सबकी महतारी॥
तेरी जोत जलाता रहू मैं।
हरदम तुझे ध्याता रहू मैं॥
कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा॥
कही पहाडों पर है डेरा।
कई शहरों में तेरा बसेरा॥
हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाएं तेरे भक्त प्यारे॥
भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥
इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करें पुकार तुम्हारे द्वारे॥

(Image Source: AI-Generated)
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तू ही खंडा हाथ उठाए॥
दासों को सदा बचाने आयी।
भक्त की आस भुजाने आयी॥
जय तेरी हो स्कंद माता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता॥
सबके मन की जानन हारी।
जग जननी सबकी महतारी॥
मां स्कंदमाता का मंत्र | Maa Skandmata Mantra
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।
ध्यान मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
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