विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Guruvar Puja Mantra: गुरुवार को किसी भी समय जप लें ये सिद्ध मंत्र, कभी खाली नहीं रहेगी आपकी तिजोरी

Published: Thu, 15 Jan 2026 12:50 PM (IST)

विवाहित स्त्रियां सुख, समृद्धि और अखंड सुहाग के लिए गुरुवार का व्रत (Lord Vishnu Puja Vidhi) करती हैं। वहीं, अविवहित ...और पढ़ें

Guruvar Puja: गुरुवार के दिन क्या करें और क्या न करें

Guruvar Puja: गुरुवार के दिन क्या करें और क्या न करें

HighLights

  1. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को प्रिय है।

  2. इस दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है।

  3. भगवान विष्णु की पूजा से मनचाही मुराद पूरी होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन भगवान विष्णु संग देवताओं के गुरु बृहस्पति देव की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए गुरुवार का व्रत रखा जाता है। यह व्रत विवाहित और अविवाहित महिलाएं करती हैं। इस व्रत को करने से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं।

lord vishnu  - 2025-04-14T151330_026

जगत के पालनहार भगवान विष्णु को देवी मां तुलसी प्रिय हैं। इसके लिए रविवार को छोड़कर रोजाना तुलसी माता की पूजा (Lord Vishnu Lakshmi Mantras) की जाती है। खासकर, गुरुवार के दिन तुलसी माता की विशेष पूजा और आरती की जाती है। इससे घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली (Thursday Wealth Remedies) आती है।

अगर आप भी सुख और सौभाग्य में वृद्धि (Financial Growth Chants) पाना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय तुलसी माता के नामों का मंत्र जप अवश्य करें। वहीं, गुरुवार को किसी भी समय तुलसी माला से देवी मां तुलसी के नामों का जप अवश्य करें।

तुलसी माता के नाम

1.ॐ श्री तुलस्यै नमः
2.ॐ नन्दिन्यै नमः
3.ॐ देव्यै नमः
4.ॐ शिखिन्यै नमः
5.ॐ धारिण्यै नमः
6.ॐ धात्र्यै नमः
7.ॐ सावित्र्यै नमः
8.ॐ सत्यसन्धायै नमः
9.ॐ कालहारिण्यै नमः
10.ॐ गौर्यै नमः
11.ॐ देवगीतायै नमः
12.ॐ द्रवीयस्यै नमः
13.ॐ पद्मिन्यै नमः
14.ॐ सीतायै नमः
15.ॐ रुक्मिण्यै नमः
16.ॐ प्रियभूषणायै नमः
17.ॐ श्रेयस्यै नमः
18.ॐ श्रीमत्यै नमः
19.ॐ मान्यायै नमः
20.ॐ गौर्यै नमः
21.ॐ गौतमार्चितायै नमः
22.ॐ त्रेतायै नमः
23.ॐ त्रिपथगायै नमः
24.ॐ त्रिपादायै नमः
25.ॐ त्रैमूर्त्यै नमः
26.ॐ जगत्रयायै नमः
27.ॐ त्रासिन्यै नमः
28.ॐ गात्रायै नमः
29.ॐ गात्रियायै नमः
30.ॐ गर्भवारिण्यै नमः
31.ॐ शोभनायै नमः
32.ॐ समायै नमः
33.ॐ द्विरदायै नमः
34.ॐ आराद्यै नमः
35.ॐ यज्ञविद्यायै नमः
36.ॐ महाविद्यायै नमः
37.ॐ गुह्यविद्यायै नमः
38.ॐ कामाक्ष्यै नमः
39.ॐ कुलायै नमः
40.ॐ श्रीयै नमः
41.ॐ भूम्यै नमः
42.ॐ भवित्र्यै नमः
43.ॐ सावित्र्यै नमः
44.ॐ सरवेदविदाम्वरायै नमः
45.ॐ शंखिन्यै नमः
46.ॐ चक्रिण्यै नमः
47.ॐ चारिण्यै नमः
48.ॐ चपलेक्षणायै नमः
49.ॐ पीताम्बरायै नमः
50.ॐ प्रोत सोमायै नमः
51.ॐ सौरसायै नमः
52.ॐ अक्षिण्यै नमः
53.ॐ अम्बायै नमः
54.ॐ सरस्वत्यै नमः
55.ॐ सम्श्रयायै नमः
56.ॐ सर्व देवत्यै नमः
57.ॐ विश्वाश्रयायै नमः
58.ॐ सुगन्धिन्यै नमः
59.ॐ सुवासनायै नमः
60.ॐ वरदायै नमः
61.ॐ सुश्रोण्यै नमः
62.ॐ चन्द्रभागायै नमः
63.ॐ यमुनाप्रियायै नमः
64.ॐ कावेर्यै नमः
65.ॐ मणिकर्णिकायै नमः
66.ॐ अर्चिन्यै नमः
67.ॐ स्थायिन्यै नमः
68.ॐ दानप्रदायै नमः
69.ॐ धनवत्यै नमः
70.ॐ सोच्यमानसायै नमः
71.ॐ शुचिन्यै नमः
72.ॐ श्रेयस्यै नमः
73.ॐ प्रीतिचिन्तेक्षण्यै नमः
74.ॐ विभूत्यै नमः
75.ॐ आकृत्यै नमः
76.ॐ आविर्भूत्यै नमः
77.ॐ प्रभाविन्यै नमः
78.ॐ गन्धिन्यै नमः
79.ॐ स्वर्गिन्यै नमः
80.ॐ गदायै नमः
81.ॐ वेद्यायै नमः
82.ॐ प्रभायै नमः
83.ॐ सारस्यै नमः
84.ॐ सरसिवासायै नमः
85.ॐ सरस्वत्यै नमः
86.ॐ शरावत्यै नमः
87.ॐ रसिन्यै नमः
88.ॐ काळिन्यै नमः
89.ॐ श्रेयोवत्यै नमः
90.ॐ यामायै नमः
91.ॐ ब्रह्मप्रियायै नमः
92.ॐ श्यामसुन्दरायै नमः
93.ॐ रत्नरूपिण्यै नमः
94.ॐ शमनिधिन्यै नमः
95.ॐ शतानन्दायै नमः
96.ॐ शतद्युतये नमः
97.ॐ शितिकण्ठायै नमः
98.ॐ प्रयायै नमः
99.ॐ धात्र्यै नमः
100.ॐ श्री वृन्दावन्यै नमः
101.ॐ कृष्णायै नमः
102.ॐ भक्तवत्सलायै नमः
103.ॐ गोपिकाक्रीडायै नमः
104.ॐ हरायै नमः
105.ॐ अमृतरूपिण्यै नमः
106.ॐ भूम्यै नमः
107.ॐ श्री कृष्णकान्तायै नमः
108.ॐ श्री तुलस्यै नमः

यह भी पढ़ें- Tulsi Puja: बार-बार मुरझा रहा है तुलसी का पौधा? तो इस संकेत को न करें नजरअंदाज

यह भी पढ़ें- Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर करें तुलसी पूजा से जुड़ा एक काम, होगी मोक्ष की प्राप्ति

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।