नई दिल्ली, Halharini Amavasya 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास में पड़ने वाली अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या के नाम से जाता है। इसे आषाढ़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन स्नान दान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलने के साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, साथ ही पितरों का श्राद्ध करना शुभ माना जाता है। हलहारिणी अमावस्या किसानों के लिए भी काफी खास होती है। बता दें कि इस बार हलहारिणी अमावस्या 28 और 29 जून दोनों की दिन मनाई जाएगी। जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।

हलहारिणी अमावस्या की तिथि

ज्योतिषियों की मानें तो इस बार हलहारिणी अमावस्या दो दिन मनाई जाएगी। जहां 28 जून को श्राद्ध किया जाएगा। वहीं 29 जून को स्नान दान किया जाएगा। लेकिन उदया तिथि के आधार पर देखा जाए,तो अमावस्या 29 जून को सूर्योदय के कुछ देर बात तक ही रहेगी। इसलिए हलहारिणी अमावस्या 28 जून, मंगलवार को ही मनाई जाएगी। हालांकि 29 जून क सुबह स्नान-दान किया जा सकेगा।

हलहारिणी अमावस्या का शुभ मुहूर्त

आषाढ़ अमावस्या तिथि आरंभ: 28 जून 2022, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 53 मिनट से शुरू

आषाढ़ अमावस्या तिथि समाप्त:  29 जून 2022,बुधवार को सुबह 08 बजकर 23 मिनट तक

अमृत काल- सुबह 9 बजकर 10 मिनट से शुरू लेकर 10 बजकर 58 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 34 मिनट से लेकर 12 बजकर 29 मिनट तक

शाम के समय पूजा का शुभ मुहूर्त - शाम को 6 बजकर 39 मिनट से लेकर 07 बजकर 03 मिनट तक

हलहारिणी अमावस्या का महत्व

हलहारिणी अमावस्या पर स्नान दान के साथ पितरों का श्राद्ध करना शुभ माना जाता है। इस दिन पितृ देवता का तर्पण, धूप ध्यान के साथ अर्घ्य देने का विधान है। माना जाता है कि आज पूजा करने से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं।  हलहारिणी अमावस्या  किसानों के लिए काफी खास मानी जाती है। इस दिन हल की भी पूजा करने के साथ नए पौधे लगाना शुभ माना जाता है। 

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Edited By: Shivani Singh