Friday Lakshmi Puja: हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष है। सामन्यतौर पर हम लक्ष्मी माता को धन और सम्पदा की देवी के रूप में ही पूजते हैं जबकि माता लक्ष्मी को शास्त्रों में श्री अर्थात श्रेष्ठता, कौशल तथा मान, सम्मान की देवी के रूप में भी जाना जाता है। शुक्रवार के दिन लक्ष्मी जी का पूजन वैभव लक्ष्मी के रूप में करने से धन, सम्पदा, यश, तथा कीर्ति की प्राप्ति होती है। शुक्रवार के दिन विधि-विधान से लक्ष्मी जी का व्रत तथा पूजन किया जाता है। परन्तु आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताएंगे, जिनको अपना कर लक्ष्मी जी को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है।

लाल या गुलाबी कमल का फूल चढ़ाएं

पुराणों में लक्ष्मी जी को पद्मप्रिया कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि उन्हें कमल का पुष्प अत्यंत प्रिय है। लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए उनको लाल या गुलाबी कमल का फूल चढ़ाएं तथा उनके कमल पर बैठे हुए स्वरूप का पूजन करें।

श्वेत या गुलाबी वस्त्र पहन कर करें पूजन

लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए श्वेत अर्थात सफेद रंग का या गुलाबी रंग के कपड़े पहन कर पूजन करना चाहिए। इससे लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है।

धन प्राप्ति के लिए विशेष उपाय

मां लक्ष्मी की कृपा से धन की अभिलाषा है, तो धन लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। धन लक्ष्मी का मतलब लक्ष्मी जी की ऐसी प्रतिमा या चित्र, जिसमें उनके हाथ से सिक्के गिर रहे हों। प्रतिमा के सामने देशी घी का दीपक जलाएं तथा इत्र अवश्य चढ़ाए।

कमल गट्टा या स्फटिक की माल से करें जाप

वैभव लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कमल गट्टे या स्फटिक की माला से लक्ष्मी जी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। अभिमंत्रित माला को गले में धारण करना फलदायी होता है।

सफलता पाने के लिए जाप करें इस मंत्र का

जीवन में सफलता पाने के लिए लक्ष्मी जी के शास्त्रोक्त इस मंत्र का जाप करना चाहिए -ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:। इस मंत्र का जाप करने से जीवने सफलता तथा कार्य में सिद्धी की प्राप्ति होती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

 

Edited By: Jeetesh Kumar