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Gupt Navratri 2024: वर्षों बाद गुप्त नवरात्र के पांचवें दिन बन रहे हैं ये 5 अद्भुत संयोग, बन जाएंगे सारे बिगड़े काम

सनातन धर्म में गुप्त नवरात्र (Gupt Navratri 2024) का विशेष महत्व है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत भी रखा जाता है। मां दुर्गा की उपासना एवं साधना करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है।

By Pravin KumarEdited By: Pravin KumarTue, 09 Jul 2024 05:39 PM (IST)
Gupt Navratri 2024: गुप्त नवरात्र की पंचमी पर शिववास योग का हो रहा है निर्माण

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Ashadha Gupt Navratri 2024: गुप्त नवरात्र के पांचवें दिन जगत जननी मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की जाती है। साथ ही स्कंद माता के निमित्त व्रत उपवास भी रखा जाता है। स्कंदमाता की पूजा करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही मृत्यु उपरांत मोक्ष की प्राप्ति होती है। तंत्र सीखने वाले साधक मां स्कंद की साधना निशा काल में होती है। ज्योतिषियों की मानें तो गुप्त नवरात्र के पांचवें दिन 5 मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में मां स्कंद की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। आइए जानते हैं-  

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नक्षत्र योग

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ज्योतिष पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र को शुभ मानते हैं। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दौरान शुभ कार्य कर सकते हैं।

करण

गुप्त नवरात्र के पांचवें दिन बव और बालव करण का संयोग बन रहा है। सबसे पहले बव करण का निर्माण हो रहा है। इसके बाद बालव करण का संयोग बनेगा। बव करण संध्याकाल 08 बजकर 54 मिनट तक है। इसके बाद बालव करण का निर्माण होगा। इन योग में जगत की शक्ति मां पार्वती की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूर्ण होती है।

रवि योग

ज्योतिषियों की मानें तो आषढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण सुबह 05 बजकर 48 मिनट पर हो रहा है। वहीं, समापन 10 जुलाई को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर होगा।

शिववास योग

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर शिववास योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन भगवान शिव जगत की देवी मां पार्वती के साथ कैलाश पर विराजमान रहेंगे। इस दौरान मां पार्वती की पूजा करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।