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फूल-मिठाई नहीं, भारत के इन अनोखे मंदिरों में मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं रिज्यूम, लौकी और घंटियां

Published: Fri, 21 Aug 2026 02:08 PM (IST)Updated: Sat, 29 Aug 2026 04:31 PM (IST)

भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जहां भक्त मन्नत पूरी होने पर अनोखे चढ़ावे अर्पित करते हैं। इनमें उत्तराखंड के ...और पढ़ें

भारत के वो मंदिर जहां मन्नत पूरी होने पर चढ़ते हैं अनोखे चढ़ावे

भारत के वो मंदिर जहां मन्नत पूरी होने पर चढ़ते हैं अनोखे चढ़ावे

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत जिसे मंदिरों का देश भी कहा जाता है, यहां उत्तर से लेकर दक्षिण तक कई प्राचीन और भव्य मंदिर हैं। भारत में मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ करने का ही स्थान नहीं है, बल्कि लोक परंपरा और अनोखी मान्यताओं का भी जीवंत उदाहरण हैं। भारत के प्रत्येक मंदिर की अपनी कहानी है जो उसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती है।

आमतौर पर अधिकतर मंदिरों में मन्नत पूरी होने पर फल, फूल, मिठाई, नारियल, पैसा, स्वर्ण और चांदी चढ़ाई जाती है, लेकिन कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जहां मन्नत पूरी होने पर तांबे-पीतल की घंटियां, बायोडाटा, हरी लौकी और लकड़ी चढ़ाए जाते हैं। आइए जानते हैं इन मंदिरों के बारे में।

चितई गोलू देवता मंदिर

चितई गोलू देवता मंदिर

उत्तराखंड के अल्मोड़ा से करीब 8 किलोमीटर दूर बसा है चितई गोलू देवता का मंदिर, जो राज्य के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। गौर भैरव के रूप में भगवान शिव के अवतार गोलू देवता की पूजा की जाती है।

गोलू देवता को न्याय का देवता भी कहा जाता है। माना जाता है कि, यहां भक्त अपनी इच्छा और न्याय के लिए कागज पर अर्जी या स्टांप पेपर लिखकर बांधते हैं। जब मन्नत पूरी हो जाती है, तब भक्त भगवान को तांबे या पीतल की घंटियां चढ़ाते हैं। इस वजह से इस मंदिर को घंटी वाला मंदिर भी कहा जाता है।

महामाया माता मंदिर, नागौर

राजस्थान के नागौर जिले में स्थित महामाया माता मंदिर,जिसे 'बच्चों वाली माता' के धाम के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि, बच्चों को होने वाली गंभीर बीमारियों का उपचार आध्यात्मिक तरीके से होता है।

अगर किसी बच्चे को बोलने तुतलापन, देर से बोलने की समस्या, लकवा या गंभीर शारीरिक परेशानियां होती है, तो माता के दरबार में ठीक होने की प्रार्थना की जाती है। इसके अलावा बच्चे का रोग खत्म होने पर माता को प्रसन्न करने के लिए लकड़ी का पालना अर्पित किया जाता है।

शाटन देवी मंदिर, छत्तीसगढ़

शाटन देवी मंदिर, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में स्थित है शाटन देवी का मंदिर जो लोगों के बीच आस्था का केंद्र है। वैसे तो इस मंदिर में हर कोई दर्शन कर सकता है, लेकिन जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह बेहद खास स्थान है। मंदिर की अनोखी परंपरा के मुताबिक भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर लौकी और तेंदू की लकड़ियां चढ़ाते हैं।

करणी माता मंदिर (सीकर, राजस्थान)

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित करणी माता का मंदिर, जहां नौकरी की इच्छा रखने वालों की मनोकामना पूरी होती है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति बार-बार नौकरी या इंटरव्यू में असफल हो जाता है, तो यहां दर्शन करने से उसकी नौकरी लग जाती है। इसके अलावा कई भक्त यहां माता के चरणों में सीवी भी अर्पित करते हैं ताकि अच्छी नौकरी लग जाए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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