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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मजार पर उमडे़ आस्था अपार

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Published: Tue, 12 Mar 2013 05:10 PM (IST)

हरियाणा की धरा प्राचीन समय से ही पीर-पैगंबरों व संतों की तपोस्थली रही है। प्रदेश में अनेक जगह स्थित पीर-फकीरों ...और पढ़ें

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हरियाणा की धरा प्राचीन समय से ही पीर-पैगंबरों व संतों की तपोस्थली रही है। प्रदेश में अनेक जगह स्थित पीर-फकीरों की दरगाह व मजारें हरियाणावासियों की उनके प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक हैं। करनाल से लगभग सात किलोमीटर और घरौंडा कस्बे से लगभग आठ किलोमीटर दूर मधुबन पुलिस अकादमी के पास स्थित पीर बाबा हजरत अली इलाही बख्श की दरगाह पर भी सभी धर्मो के श्रद्धालु मजार पर शीश झुकाकर आशीर्वाद लेने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से आते हैं।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि पीर बाबा हजरत इलाही बख्श की इस दरगाह में आकर मजार पर श्रद्धास्वरूप शीश झुकाकर मन्नत मांगने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी कर बाबा उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं। हर वीरवार को बाबा इलाही बख्श की इस दरगाह पर अपार आस्था लिए हुए अनेक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। दरगाह के प्रधान प्रेम प्रजापत ने बताया कि यहां वीरवार के दिन हर जाति, समुदाय व धर्म के श्रद्धालु शीश झुकाने आते हैं। पुलिस अकादमी से अनेक कर्मचारी और अधिकारी भी यहां श्रद्धावश माथा टेकने आते हैं। यहां हर वर्ष ज्येष्ठ व आषाढ़ माह में विशाल मेले का आयोजन भी किया जाता है जिसमें हर जाति, धर्म व समुदाय से असंख्य श्रद्धालु पहुंचते हैं।

आसपास के क्षेत्र के लोग इस दरगाह को पक्के पुल वाले बाबा के नाम से पुकारते हैं। बाबा इलाही बख्श की दरगाह के साथ संत बहादुर खान दुरानी, मोहम्मद अली, सवर सिंह बोरी व केसरमल बोरी की मजारें भी बनाई गई हैं। इनके पास ही प्राचीन शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, नागा बाबा की समाधि व गऊशाला का निर्माण भी किया गया है। शिव मंदिर और हनुमान मंदिर में जहां दिनभर भक्तों का तांता लगा रहता है, वहीं अनेक श्रद्धालु नागा बाबा की समाधि पर माथा टेकना नहीं भूलते। पीर बाबा इलाही बख्श की मजार पर शीश झुकाने के बाद दरगाह में उगे बरगद के प्राचीन पेड़ पर श्रद्धालु लाल रंग का धागा बांधकर मनोकामनाएं मांगते हैं। समाज हित कार्यो के साथ-साथ पीर बाबा के दरबार की देखरेख का कार्य ऊंचा समाणा गांव की पंचायत करती है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां पर अनेक श्रद्धालु पशुओं में फैलने वाली विभिन्न बीमारियों और अनेक प्रकार की मानव व्याधियों के निदान के लिए भी आते हैं। यहां पर हर वीरवार को आसपास व दूर-दराज के क्षेत्रों से अनेक श्रद्धालु दूध चढ़ाने के लिए भी आते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु दरगाह में स्थित बाबा की मजार पर हरे व नीले रंग की चादर भी चढ़ाते हैं। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रद्धा के साथ वीरवार के दिन दरगाह में स्थित बाबा इलाही बख्श की मजार पर शीश झुकाने मात्र से उनकी पीड़ा दूर हो जाती है।

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