विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शादी, मुंडन और सगाई... शुक्र अस्त होने पर क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य? पढ़ें ज्योतिषीय रहस्य

Published: Tue, 21 Jul 2026 09:18 AM (IST)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शुक्र ग्रह सूर्य के करीब आता है तो उसकी ऊर्जा कमजोर हो जाती है, जिसे ...और पढ़ें

शुक्र अस्त के दौरान क्यों नहीं बजती शहनाई? (Picture Credit: AI Generated)

शुक्र अस्त के दौरान क्यों नहीं बजती शहनाई? (Picture Credit: AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका प्रभाव राशियों पर पड़ता है। इससे कुछ राशियों का गोल्डन टाइम शुरू होता है, तो कुछ राशियों पर ग्रह गोचर का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस बुरे प्रभाव से बचने के लिए लोग उपाय भी करते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र को प्रेम, रोमांस, आकर्षण और सुखमय वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब शुक्र राशि परिवर्तन करते हैं या फिर शुक्र अस्त होते हैं, तो इसका प्रभाव राशियों के वैवाहिक जीवन पर पड़ता है।

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र अस्त को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि के दौरान मांगलिक कार्य करने की मनाही है। क्या आप जानते हैं कि शुक्र अस्त के दौरान मांगलिक कार्य क्यों वर्जित हैं। अगर नहीं पता, तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में विस्तार से।

shukra asta 2026  (1)

 

शुक्र क्यों होता है अस्त?

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब शुक्र ग्रह सूर्य के पास आता है, तो सूर्य के अधिक तेज प्रकाश की वजह से शुक्र की ऊर्जा काफी कमजोर हो जाती है। इसी वजह से शुक्र आसमान में दिखाई देना बंद हो जाता है। इसी को शुक्र अस्त कहा जाता है। इसलिए शुक्र अस्त होने पर मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है।

शुक्र अस्त में क्यों नहीं होते मांगलिक काम?

शुक्र अस्त के दौरान मुंडन, विवाह, गृह प्रवेश और सगाई जैसे शुभ और मांगलिक कामों को करने से बचना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र अस्त के दौरान विवाह करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति नहीं रहती है और पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आती है। साथ ही अन्य शुभ काम को करने से बाधा का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही तरक्की और सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से शुक्र अस्त के दौरान मांगलिक काम करने की मनाही है। इसके अलावा शुक्र अस्त के दौरान किसी भी नए व्यापार की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

यह भी पढ़ें- मिथुन राशि में बुध का प्रवेश, तुला से मीन राशि वालों के अधूरे काम होंगे पूरे अटका पैसा मिलेगा वापस

कितने दिनों तक रहता है शुक्र अस्त

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुक्र अस्त को ज्योतिष शास्त्र में तारा डूबना भी कहा जाता है। शुक्र अस्त की अवधि लगभग 45 से 52 दिनों तक की रहती है।

शुक्र अस्त में न करें ये काम

  • सगाई, विवाह, गृह प्रवेश जैसे कामों को करने से बचना चाहिए।
  • इसके अलावा मुंडन और जनेऊ संस्कार नहीं नहीं करना चाहिए।
  • किसी व्रत का उद्यापन करने की भी मनाही है। साथ ही किसी नए काम की शुरुआत न करें।

यह भी पढ़ें- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में आए शुक्रदेव, तुला से मीन राशि वालों के जीवन में आएंगे ये बड़े बदलाव

यह भी पढ़ें- कर्क राशि में सूर्य-गुरु युति: तुला राशि को मिल सकता है प्रमोशन, कुंभ की बढ़ सकती है वर्कप्लेस में टेंशन

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।