17 दिन के लिए शुक्र अस्त होने से नवविवाहितों में कंफ्यूजन! क्या पहली बार करवा चौथ का व्रत रखना होगा अशुभ?
शुक्र के 17 दिनों तक अस्त रहने की खबर से नवविवाहित महिलाओं के मन में सवाल उठ रहे हैं कि ...और पढ़ें

शुक्र अस्त में कैसे रखें पहला करवा चौथ व्रत ? (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत में भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान शिव और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। शादी के बाद पहला करवा चौथ हर महिला के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं।
हालांकि, शुक्र ग्रह के अस्त होने की वजह से इस वर्ष नवविवाहित महिलाएं थोड़ी निराश हैं और उनके मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस दौरान पहला करवा चौथ व्रत रखना शुभ होगा? क्या इस अवधि में व्रत रखने से कोई दोष तो नहीं लग जाएगा? इन सवालों पर उज्जैन के ज्योतिषाचार्य एवं पंडित मनीष शर्मा से हमने खास बातचीत की है।
क्या शुक्र अस्त होने पर पहला करवा चौथ व्रत रखना अशुभ है?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र ग्रह का संबंध वैवाहिक जीवन, प्रेम और सुख-सुविधाओं से माना जाता है। इसी वजह से शुक्र के अस्त होने पर विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को करने से बचा जाता है। ऐसे में नवविवाहित महिलाओं के मन में यह भ्रम भी पैदा हो रहा है कि क्या शुक्र अस्त होने पर करवा चौथ का व्रत रखना भी वर्जित होता है।
इस बारे में उज्जैन के ज्योतिषाचार्य एवं पंडित मनीष शर्मा जी कहते हैं, "शुक्र या किसी भी ग्रह के अस्त होने से व्रतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। करवा चौथ का व्रत गणेश जी का व्रत है। इसलिए नवविवाहिता इस व्रत को पूरी विधि-विधान के साथ रख सकती हैं।"
उनके अनुसार, शुक्र के अस्त होने की वजह से करवा चौथ का व्रत रखने में किसी तरह की बाधा नहीं मानी जाती है। इसलिए नवविवाहित महिलाएं बिना किसी भ्रम के अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत रख सकती हैं।
शुक्र अस्त होने पर व्रत रखने में क्यों नहीं है परेशानी?
हिंदू धर्म में व्रत और मांगलिक संस्कारों को अलग-अलग माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र के अस्त होने पर विवाह और कुछ अन्य मांगलिक कार्यों को टालना सही रहता है। वहीं, करवा चौथ एक व्रत है, जिसमें भगवान गणेश और माता पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। ऐसे में पहला हो या फिर पहले से व्रत को रखा जा रहा हो, किसी भी ग्रह के अस्त होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
अतः शुक्र के अस्त होने के कारण नवविवाहित महिलाओं को अपने पहले करवा चौथ के व्रत को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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