यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shani Dosh Upay: कुंडली में शनि को ऐसे करें मजबूत, बस करने होंगे ये आसान उपाय
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जिस जातक की कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होती है उसे अपने कार्यक्षेत्र में खूब ...और पढ़ें

HighLights
- शनि देव को समर्पित माना जाता है शनिवार का दिन।
- हिंदू धर्म में न्याय का देवता कहलाते हैं शनि देव।
- कुंडली में शनि दोष होने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Shani Grah Upay: जिस प्रकार हिंदू धर्म में प्रत्येक दिन किसी-न-किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है, ठीक उसी तरह शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता भी कहा जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी जातक की कुंडली में शनि दोष लग जाए, तो उसे जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आप शनि दोष से मुक्ति के लिए ये उपाय कर सकते हैं।
शनि मजबूत करने के उपाय
- ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जिस जातकों की कुंडली में शनि कमजोर होता है, उन्हें पीपल वृक्ष की पूजा जरूर करनी चाहिए और जल चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से शनि के बुरे परिणामों से आपको राहत मिल सकती है।
- कुंडली में शनि को मजबूत करने के लिए व्यक्ति को हर शनिदेव को शनि देव पर तेल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही इस दिन जरूरतमंद लोगों को काले कपड़े का दान भी जरूर करना चाहिए।
- यदि कुंडली में शनि ग्रह कमजोर है, तो इसके लिए कम से कम 19 शनिवार का व्रत करना चाहिए। आप चाहें तो 51 शनिवार तक भी व्रत रख सकते हैं। इससे शनि की स्थिति मजबूत होती है।
- शनिवार के दिन काले कपड़े धारण करें। इसके बाद शनि देव की पूजा के दौरान ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम: मंत्र का जाप कम से कम 5 माला करें। इससे शनि मजबूत होता है।
- कुंडली में शनि देव की स्थिति मजबूत करने के लिए शनि देव, हनुमान जी और भगवान शिव की आराधना करें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। इन सभी कार्यों को करने से शनि की खराब स्थिति को ठीक किया जा सकता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
