10 सितंबर से अगले 4 दिन के लिए अस्त होने वाला है चंद्रमा, भूल से भी न करें ये काम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 10 से 13 सितंबर तक चंद्रमा अस्त रहेगा, जिससे मन और भावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ ...और पढ़ें

कब होगा चंद्रमा अस्त ?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को हमारे मन, भावनाओं और नींद का कारक माना गया है। कुंडली में चंद्रमा की स्थिति ही तय करती है कि हम मानसिक रूप से कितने शांत या अशांत रहेंगे। अगर चंद्रमा कमजोर या अस्त हो जाए तो व्यक्ति को नींद न आना, बेचैनी और तनाव जैसी समस्याएं घेर लेती हैं।ज्योतिष गणना के अनुसार 10 से 13 सितंबर के बीच चंद्रमा अस्त होने जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा का प्रभाव सबसे कमजोर रहेगा, जिसका असर सीधा हमारी नींद और मानसिक स्थिति पर पड़ेगा।
ऐसे में इन 4 दिनों में रात को सोने से पहले कुछ खास कामों को करने से बचना चाहिए, वरना आपको अनिद्रा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन से 3 काम हैं जो आपको सोने से पहले भूलकर भी नहीं करने चाहिए।
सोने से पहले न देखें डरावनी या नकारात्मक चीजें
आजकल सोने से पहले मोबाइल चलाना और सोशल मीडिया पर रील्स देखना आम बात हो गई है। कई लोग बिस्तर पर जाने के बाद घंटों तक वीडियो देखते रहते हैं। कुछ लोग इस दौरान डरावनी फिल्में, अपराध से जुड़ी खबरें या नकारात्मक वीडियो भी देखते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, चंद्रमा का संबंध मन और भावनाओं से होता है। इसलिए चंद्रमा के कमजोर होने की स्थिति में सोने से पहले नकारात्मक चीजें देखने से मन अधिक अशांत हो सकता है। ऐसे में सोने से ठीक पहले मोबाइल का अधिक इस्तेमाल नींद को प्रभावित कर सकता है। इसलिए कोशिश करें कि सोने से कुछ समय पहले फोन को दूर रख दें। अगर कुछ देखना ही है तो हल्का और सकारात्मक कंटेंट चुनें।
रात में देर से न करें भारी भोजन और दूध का सेवन
देर रात बहुत ज्यादा खाना या सोने से ठीक पहले दूध पीना आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है। वैसे भी दूध चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में जब चंद्रम अस्त स्थिति में हो, तो चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करने वाली चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, नहीं तो परेशानी खड़ी हो सकती है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि कमजोर चंद्रमा मानसिक शांति और शरीर की सहजता को कम करता है। ऐसे में इस दौरान रात को हल्का भोजन ही करना चाहिए।
सोने से पहले विवाद और पैसों का हिसाब-किताब न करें
दिनभर के बाद रात का समय मन को शांत करने का होना चाहिए। लेकिन कई बार लोग बिस्तर पर जाने के बाद परिवार के विवाद, ऑफिस का तनाव, अगले दिन की चिंता या पैसों से जुड़े मामलों के बारे में सोचते रहते हैं। ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। इसलिए मान्यता है कि चंद्रमा के कमजोर होने पर सोने से पहले तनावपूर्ण बातचीत या विवाद करने से मानसिक अशांति बढ़ सकती है।
इसी तरह रात में बैठकर खर्चों का लंबा हिसाब-किताब करना, कर्ज या पैसों को लेकर चिंता करना भी तनाव बढ़ा सकता है।
अत: 10 से 13 सितंबर के दौरान यदि आप कुंडली में चंद्रमा को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इस दौरान रोज रात में मेडिटेशन करें।
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