विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Maun Vrat: आपकी 'किस्‍मत पलट' देता है यह ग्रह, बस एक दिन लगा लें जुबान पर ताला

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:30 AM (IST)

एक दिन मौन रहने से बदल सकती है आपकी पूरी किस्मत। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मौन व्रत से बुद्धि, वाणी ...और पढ़ें

मौन व्रत से मजबूत करें अपना बुध ग्रह । (Picture Credit- AI Generated)

मौन व्रत से मजबूत करें अपना बुध ग्रह । (Picture Credit- AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। एक पूरे दिन के लिए चुप रहना और कुछ भी न बोलना आसान नहीं होता है। लेकिन यदि आप ऐसा करने में कामयाब हो जाएं, तो आपको इसके बहुत सारे फायदे हो सकते हैं। वैदिक ज्योतिष में बताया गया है कि मौन रहने से बुध ग्रह मजबूत होता है। इस ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है।

व्यक्ति की बोलचाल, सोचने-समझने की क्षमता और निर्णय लेने के तरीके पर बुध का प्रभाव माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि अगर कुंडली में बुध कमजोर हो या अशुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति को बातचीत, निर्णय और कामकाज से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसी स्थिति में बुध ग्रह से जुड़े उपाय करने की सलाह दी जाती है। इन्हीं उपायों में मौन धारण करना भी एक उपाय है। माना जाता है कि कुछ समय के लिए मौन रहने से वाणी पर नियंत्रण आता है, जिससे बुध की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। इसके और भी कई फायदे हैं, चलिए इनके बारे में जानते हैं।

मौन रहने से बुध ग्रह कैसे मजबूत होता है?

बुध को वाणी और संचार का ग्रह माना गया है। दिनभर जरूरत से ज्यादा बोलना, बिना सोचे कुछ कह देना या बेवजह की बहस में पड़ना व्यक्ति के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। मौन रहने का अभ्यास व्यक्ति को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना सिखाता है। इससे मन को शांत रखने और सोच-समझकर बोलने की आदत विकसित हो सकती है। ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार, इसका सकारात्मक प्रभाव बुध से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ता है।

सोचने और निर्णय लेने की क्षमता होती है बेहतर

जब व्यक्ति कुछ समय के लिए चुप रहता है, तो उसे अपनी बात कहने के बजाय दूसरों को सुनने और परिस्थितियों को समझने का मौका मिलता है। इससे मन को शांति मिलती है। बुध बुद्धि और तर्क का कारक माना जाता है। इसलिए मौन रहने से व्यक्ति को जल्दबाजी में फैसला नहीं लेने पड़ता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले कुछ समय शांत रहना सोच को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है।

बेवजह की बातों से बचाता है मौन

कई बार व्यक्ति बिना सोचे बोल देता है और बाद में उसे अपनी बात का पछतावा होता है। खासतौर पर गुस्से या बहस के दौरान बोले गए शब्द रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं। मौन रहने का अभ्यास व्यक्ति को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना सिखाता है। इससे चुगली, बहस और अनावश्यक बातचीत से दूरी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

बुधवार को रखें मौन

ज्योतिष शास्‍त्र के अनुसार बुधवार का दिन बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। इसलिए बुध से जुड़े उपायों के लिए बुधवार को विशेष माना जाता है। अगर आप मौन का अभ्यास करना चाहते हैं, तो बुधवार से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार सूर्योदय से सूर्यास्त तक मौन रहने का संकल्प ले सकते हैं। अगर पूरे दिन मौन रखना संभव न हो, तो कुछ घंटों का अभ्यास भी किया जा सकता है।

मौन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

मौन का मतलब केवल मुंह से न बोलना नहीं माना जाता। इस दौरान कोशिश करें कि अनावश्यक फोन कॉल, चैटिंग और सोशल मीडिया पर बातचीत से भी दूरी बनाएं। अपने मन को शांत रखने का प्रयास करें। ध्यान, मंत्र जाप या शांत जगह पर बैठकर आत्मचिंतन किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें- हाउसहेल्प का अपमान करने से नाराज हो जाते हैं ये ग्रह, जीवन में आती हैं कई समस्याएं

यह भी पढ़ें- कुंडली में बुध ग्रह कमजोर हो तो क्यों करनी चाहिए गणेश जी की पूजा? ज्‍योतिष से जानें इसके कारण और लाभ

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।