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शहनाइयों की गूंज और चातुर्मास का समापन: नवंबर में कब हैं 'रमा' और 'देवउठनी' एकादशी? नोट करें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Published: Wed, 28 Oct 2026 11:00 AM (IST)

नवंबर 2026 में दो एकादशी व्रत पड़ेंगे, जिसमें रमा एकादशी और देवउठ एकादशी शामिल है। इन दोनों एकादशियों की तिथियां, शुभ मुहूर्त और उनके महत्व की विस्तृत जानकारी पता करें।

नवंबर 2026 में दोनों एकादशी की तिथि जान लें

नवंबर 2026 में दोनों एकादशी की तिथि जान लें

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का काफी विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के हिसाब से हर महीने की ग्यारहवीं तिथि पर एकादशी व्रत रखा जाता है। साल में करीब 24 यानी प्रत्येक महीने में 2 बार एकादशी की तिथि आती है।

अक्टूबर का महीना खत्म होने को है, ऐसे में इस साल नवंबर महीने में कब-कब एकादशी (November 2026 Kab-Kab Ekadashi) का व्रत रखा जाएगा? आइए जानते हैं इसके बारे में।

नवंबर 2026 में कब-कब एकादशी की तिथि है?

हर महीने में पड़ने वाली एकादशी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इस साल अक्टूबर महीने में भी 2 एकादशी की तिथि पड़ रही है जिसमें पहली 'रमा एकादशी' ((Rama Ekadashi 2026) और दूसरी 'देवउठनी एकादशी' (Devuthani Ekadashi 2026) है। देवउठनी एकादशी को 'देवोत्थान' और 'प्रबोधिनी एकादशी' के नाम से जाना जाता है।

रमा एकादशी नवंबर 2026 में कब है? (Rama Ekadashi 2026)

रमा एकादशी तिथि का आरंभ- 4 नवंबर 2026 सुबह 11 बजकर 03 मिनट से

रमा एकादशी तिथि का समापन- 5 नवंबर 2026, सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर

उदया तिथि के हिसाब से रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

रमा एकादशी व्रत का पारण- 6 नवंबर 2026, सुबह 6 बजकर 37 मिनट से लेकर 8 बजकर 48 मिनट तक

रमा एकादशी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहने वाला है। इस अवधि के दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ रहने वाला है।

रमा एकादशी का महत्व

सभी एकादशी व्रत की ही तरह रमा एकादशी का व्रत भी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के लिए रखा जाता है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

इसके साथ ही इस दिन दान और सेवा कर्म का भी विशेष महत्व है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन जरूरतमंदों को खाना खिलाने के साथ विष्णु के मंत्रों का जाप करना भी सही माना जाता है।

देवउठनी एकादशी नवंबर 2026 में कब है? (Devuthani Ekadashi 2026)

हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाएगा। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस एकादशी को देवोत्थान और प्रबोधिनी जैसे कई नामों से जाना जाता है।

माना जाता है कि इस दिन ही भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा के बाद जागते हैं। इसके अलावा इसी दिन से चातुर्मास की अवधि भी खत्म हो जाती है जिस वजह से एक बार फिर से शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य की शुरुआत होती है।

देवउठनी एकादशी तिथि की शुरुआत- 20 नवंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर होगी।

देवउठनी एकादशी तिथि का समापन- 21 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर

उदया तिथि के आधार पर इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत 20 नवंबर 2026, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा।

इसके अलावा व्रत का पारण 21 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से लेकर 3 बजकर 18 मिनट तक

देवउठनी एकादशी पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहने वाला है।

देवउठनी एकादशी का महत्व

हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी को चातुर्मास खत्म होने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने बाद योगनिद्रा से जागते हैं जिस कारण एक बार फिर से मांगलिक कार्यों विवाह आदि की शुरुआत हो जाती है।

इसी दिन भारत के कुछ हिस्सों में तुलसी विवाह भी मनाया जाता है। देवउठनी एकादशी पर भक्त भगवान विष्णु की पूजा कर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और मंगल भविष्य का आशीर्वाद मांगते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।