हमेशा किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं शर्लिन चोपडा। उनका फिल्मी ग्राफ भले ही बहुत ऊपर न रहा हो, मगर अपने बयानों, फोटो शूट्स और ट्वीट्स के कारण वह विवादों में घिरी रहीं। हालांकि अब वह पुरानी गलतियों से सबक लेना चाहती हैं।

मॉडल, ऐक्टर और सिंगर शर्लिन चोपडा इंडस्ट्री की चंद बिंदास और बोल्ड नायिकाओं में हैं। अपने फोटो शूट्स, फिल्मों, म्यूज्िाक और ट्वीट्स के कारण वह विवादों में बनी रहती हैं। उन पर हमेशा अटेंशन सीकर का टैग लगता रहा है। हालांकि ख्ाुद पर लगे आरोपों के जवाब में उनका कहना है कि वह तो ईमानदारी से अपने विचार रखती हैं, अलग-अलग माध्यमों से अपनी बात रखना चाहती हैं। सत्य तो हमेशा विवादास्पद होता है।

बैड गर्ल

शर्लिन के म्यूज्िाक अलबम का नाम है 'बैड गर्ल। हैदराबाद में जन्मी शर्लिन के पिता डॉक्टर थे। उन्होंने मिस आंध्रा का ख्िाताब भी जीता था। मॉडलिंग से फिल्मों में आईं शर्लिन को फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं मिलीं जो उनके करियर में ख्ाास ग्रोथ नहीं ला सकीं। सबसे पहले उनकी एक तेलुगु फिल्म आई। इसके बाद हिंदी में 'टाइम पास, 'दोस्ती, 'रकीब, 'रेड स्वास्तिक और 'दिल बोले हडिप्पा जैसी कई फिल्मों में काम किया। टीवी में 'बिग बॉस सीज्ान 3 में भी वह दिखीं। लेकिन इन 10-12 वर्षों में कोई ऐसा उल्लेखनीय काम वह नहीं कर सकीं, जिसके लिए सचमुच चर्चा में आतीं।

घबराना नहीं सीखा

शर्लिन चोपडा मानती हैं कि वह ऐसी किसी फिल्म में काम करना पसंद नहीं करेंगी, जिसमें कहानी न हो। उनका मानना है कि जो फिल्म दर्शकों को पसंद आए, वही मेनस्ट्रीम फिल्म है। अगर बडे नाम वाली कोई फिल्म दर्शकों को नहीं लुभाती तो वह उसका हिस्सा नहीं बनेंगी। करियर के उतार-चढावों से वह नहीं घबरातीं। ग्लैमर वल्र्ड की असुरक्षाओं से वह वािकफ हैं। उनका कहना है सफलता के लिए जुनून के साथ एक पागलपन ज्ारूरी है।

बदला-बदला रूप

पिछले कुछ समय से शर्लिन ख्ाबरों से थोडी दूरी बनाए हुए थीं। चर्चा है कि ख्ाूबसूरती को और निखारने के लिए वह सर्जिकल प्रक्रिया से भी गुज्ारी हैं। दरअसल कुछ बदले-बदले अंदाज्ा वाली उनकी तसवीरों ने इस अफवाह को और हवा दी है। कुछ लोगों का मानना है कि प्लास्टिक सर्जरी ने उनके रूप को और निखार दिया है तो कुछ का मानना है कि सर्जरी ने ब्लंडर ही किया है।

मच्योर होने की कोशिश

शर्लिन मानती हैं कि वह दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास कर रही हैं। वह ख्ाुद को बदल रही हैं। नियमित ध्यान करती हैं, ताकि क्रोध को काबू में कर सकेें और भावनाओं को नियंत्रित कर सकेें। पहले उन्हें छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता था, मगर अब वह ख्ाुद को शांत रखने की कोशिश करती हैं। वह स्वीकारती हैं कि उन्होंने गलतियां की हैं, लेकिन उनसे सीखते हुए ही वह आगे बढ रही हैं। वह अपना काम श्रेष्ठ तरीके से करना चाहती हैं।

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