करियर की पहली सीढी इंटर्नशिप से होकर गुजरती है। स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष से ही इंटर्नशिप करने की चिंता सताने लगती है। ऐसी स्थिति में सही इंटर्नशिप चुनना भी एक चुनौती बन जाता है। अगर इंटर्नशिप अच्छी तरह पूरी कर ली गई हो तो आप सैलरी बेसिस पर भी आ सकते हैं यानी इंटर्नशिप आपकी सीखी स्किल्स का एक गेटवे पास है। आइए जानें, एक सही इंटर्नशिप के लिए किन बातों को ध्यान में रखा जाए। शुरुआत हो सही इंटर्नशिप का पहला दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। जल्दी सीखने की क्षमता ही आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाने का काम करती है। किसी प्रोजेक्ट पर आपकी राय मांगी जाए तो बेझिझक अपनी एनैलिटिकल राय दें ताकि सामने वाले को भी लगे कि आप जानकारी रखते हैं। कहीं ऐसा भी न हो कि किसी संस्थान में आप शुरुआत के पहले सप्ताह अपना रुझान दिखाएं पर उसके बाद आपकी ऐक्टिविटी ही न दिखे तो इस तरह इंटर्नशिप के जरिये आपको आगे बढऩे का मौका नहीं मिलेगा। स्ट्रॉन्ग करें सोशल स्किल्स इंटर्नशिप के दौरान एक इंटर्न के लिए अच्छी सोशल स्किल्स काफी काम आती है। ऑफिस के कलीग्स के साथ दोस्ताना व्यवहार करें। दूसरे लोगों को ऑब्जर्व करें कि वे ऑफिस में एक-दूसरे से कैसे बात करते हैं और किस तरह से मिलते हैं। ऑफिस में काम के दौरान अपना फोन बंद रखें या बहुत जरूरी हो, तभी कॉल करें। काम के सिलसिले में फोन पर बात करनी हो तो प्रोफेशनल लहजे में ही बात करें। ई-मेल या वर्क संबंधित चैट करें तो ग्रामर और स्पेलिंग्स का पूरा ध्यान रखें। इस दौरान कभी किसी को पर्सनल ई-मेल न भेजें। इसके अलावा, दूसरे लोगों या डिपार्टमेंट के साथ प्रोफेशनल डिस्टेंस मेंटेन करना ही अच्छा रहता है। गंभीर होना जरूरी एक अच्छा इंटर्न गंभीरता और प्रोफेशनल एटीट्यूड के साथ उत्साह दिखाता है। फील्ड या डेस्क पर नया होने के कारण आपसे यह उम्मीद नहीं की जाती है कि आपकी नॉलेज बहुत ज्यादा हो लेकिन आपके सीखने की ललक को जरूर देखा जाता है। इंटर्नशिप के दौरान किसी भी तरह के सवाल पूछने से डरें नहीं। खुद को विश्वसनीय और पैशनेट दिखाना बेहद जरूरी है। एक उम्मीदवार को यह बात समझ लेनी चाहिए कि आजकल ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत है, जो वर्कप्लेस पर पहले ही दिन से काम में योगदान देना शुरू कर दें ताकि भविष्य में कंपनी नई नियुक्ति के दौरान आपका खयाल रखे। इसलिए इस दौरान जिम्मेदार बनने की कोशिश करें। आउटडोर मूव भी करें जरूरी नहीं कि हर जगह डेस्क वर्क ही किया जाता हो। चाहे आप किसी पर्टिकुलर वर्क के लिए अपॉइंट किए गए हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप सिर्फ एक ही तरह के काम को तवज्जो देंगे। उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी मीडिया हाउस से जुडे हैं तो जरूरी नहीं कि आप सिर्फ राइटिंग से संबधित चीजों को ही महत्व देंगे, इससे जुडे अन्य सभी कार्य जैसे फील्ड रिपोर्टिंग, एडिटिंग, अनुवाद और अन्य कई तरह के कार्य भी आपको करने पड सकते हैं। वर्क प्रेशर आजकल डेडलाइन का प्रेशर हर कंपनी या संस्थान में देखने को मिलता है। एक बेहतर उम्मीदवार के लिए जरूरी है कि वह दबाव में काम करने का गुण विकसित करें। यह भी कह सकते हैं कि इस दौरान आपमें झेलने की क्षमता होनी चाहिए। जरूरी नहीं पेड हो इंटर्नशिप युवा को भविष्य में पहली बार व्यावहारिक रूप से काम सीखने का मौका देती है। इसलिए इंटर्नशिप में जाने से पहले पैसे के बारे में ज्यादा न सोचें। हर कंपनी या संस्थान के अलग-अलग रूल्स होते हैं। कहीं आपको पेड इंटर्नशिप करने का मौका मिलता है तो कहीं अनपेड। कई बार बिना भुगतान की गई इंटर्नशिप आपको बाद में एक शानदार जॉब ऑफर भी दिलवा सकती है। उपस्थिति हो सही करियर एक्सपर्ट नीरू आनंद के मुताबिक, इंटर्नशिप चाहे कुछ दिनों की हो या एक माह की, इस दौरान हमेशा प्रेजेंट रहने की कोशिश करें। अगर आप एक दिन आकर अगले दिन छुट्टी ले रहे हैं तो यह आपके लिए सही नहीं रहेगा। अपनी इंटर्नशिप को पूरी ईमानदारी से करने की कोशिश करें। तभी आप अपने तय लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब हो पाएंगे। सही एटीट्यूड इंटर्नशिप के दौरान बिलकुल वैसे ही काम करें, जैसे किसी भी फुल टाइम जॉब में करते। छोटी-छोटी बातें जैसे- मीटिंग्स या असाइनमेंट्स से पहले जरूरी होमवर्क करना और समय पर ऑफिस पहुंचना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे कंपनी में आपका अच्छा इंप्रेशन बनेगा। अगर आप इंटर्नशिप को गंभीरता से लेते हैं तो कंपनी आपको कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंप सकती है, जिससे आपका एक्सपोजर बढेगा। रिस्पेक्ट करें इंटर्नशिप के दौरान स्टूडेंट्स को अच्छा परफॉर्म करना होता है। इससे काम करने के अच्छे मौके भी मिलते हैं लेकिन यह तभी हो सकता है, जब एक इंटर्न सिर्फ अपने काम से मतलब रखे। अगर आप ऑफिस में प्रोजेक्ट या वर्क रिलेटेड इश्यूज पर ही बात करेंगे और गॉसिप से बचेंगे तो आपकी इमेज अच्छी बनेगी। इसी तरह ऑफिस में काम करने वाले अपने हर कलीग या सीनियर्स से अदब से बात करना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि वे वहां के वर्क कल्चर और माहौल को आपसे बेहतर जानते हैं। जानें यह भी एक इंटर्न के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इंटर्नशिप केदौरान उसे किसे रिपोर्ट करना होगा। इसके लिए पहले दिन ही इंटर्नशिप की सारी डिटेल्स पता कर लें कि आपको किसके अंडर इंटर्नशिप करनी होगी, उनकी पोजिशन संस्थान में क्या है ताकि आपको सीनियर के गाइडेंस में काम करने और सीखने का भरपूर मौका मिल सके। अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, ऑल द बेस्ट।

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