घर को सजाने के कई तरीके हो सकते हैं। बस जरूरत होती है थोडी सी मेहनत और सूझबूझ की, जिससे सिंपल से घर को इंटरनेशनल टच दिया जा सके। इंटीरियर डिजाइनर मनीष मिश्रा कुछ ऐसी ही थीम्स बता रहे हैं, जिनसे घर को अलग अंदाज में सजाया जा सकता है। ब्राइट थीम इस थीम में ब्राइट और वाइब्रेंट कलर्स का प्रयोग किया जाता है, जो मोटे तौर पर ऑरेंज, रेड, डीप ब्लू, ग्रीन, गोल्ड और सिल्वर के शेड्स होते हैं। इस तरह की थीम मोरक्कन थीम के अंतर्गत आती है। टेराकोटा टाइल्स, सिरैमिक या टेराकोटा के पॉट्स, बुनी हुई टोकरियां, फिलिग्री वर्क, कलरफुल मोजैक टाइल्स, हेवी वर्क वाले सिल्क कुशन कवर्स, शीशे के लालटेन, शीशे के जार में सजी परफ्यूम वाली मोमबत्तियां, दीवान और उसके पास सजा हुक्का और पाम या फाइकस जैसे पौधे मोरक्कन थीम के इंटीरियर में शामिल होते हैं। ब्लू थीम इस तरह के इंटीरियर का लुक काफी साफ-सुथरा होता है। आमतौर पर इस तरह के घरों में आकाश और समुद्र के पानी जैसे रंग इस्तेमाल किए जाते हैं। क्रीमी व्हाइट, बर्न ऑरेंज, वाइब्रेंट ब्लू और सी-ग्रीन इनमें खास हैं। कंप्लीट मेडिटरेनियन माहौल के लिए घास की चटाइयां, पाइन या व्हाइट फ्लोर्स, फ्लोरिंग में मार्बल, छोटे स्टैच्यू, फाउंटेन, पौधों वाले टेराकोटा पॉट, हाथ से पेंट की हुई टाइल्स के कोस्टर्स और कैंडल होल्डर्स, हलके सफेद और लाइट फैब्रिक वाले परदे, कलरफुल कुशंस, रॉट आयरन के कैंडल होल्डर्स, पाइन या रॉट आयरन फर्नीचर जैसी चीजों का खुलकर प्रयोग करें। टिपिकल लुक के लिए टेक्स्चर्ड वॉल ही रखें। साथ ही पत्थर की दीवारें या स्टोन फिनिशिंग भी इस थीम की खूबसूरती को निखारती हैं। ब्लैक एंड व्हाइट इन दिनों जापानी थीम खासी पॉपुलर है। इंटीरियर की इस थीम में ब्लैक और व्हाइट कलर स्कीम प्रमुख होती है और इसमें अकसर रेड-ब्राउन कलर के शेड्स नजर आते हैं। फर्नीचर और बाकी साजो-सामान बैंबू और सिरैमिक का बना होता है। नैचरल फाइबर से बनी चटाइयां, जिन्हें तातामी मैट्स कहा जाता है और आसानी से मुडऩे वाली टहनियों से बनाया गया फर्नीचर भी इस थीम का अहम हिस्सा हैं। टोटल जैपनीज टच के लिए बैंबू स्क्रींस को हाथ से पेंट किए गए सिल्क या राइस पेपर के साथ दीवारों पर लगाएं। टी-पॉट्स, टी-सेट्स, कांजी क्लॉक्स, पेपर लालटेन और लैंप्स वगैरह एक्सेसरीज जापानी घरों में काफी यूज की जाती हैं। फर्नीचर के मामले में फ्यूटन सोफा या कोतासू टेबल के साथ कुशंस को जमीन पर रखकर सजाएं। इस थीम में हेवी फर्नीचर का इस्तेमाल नहीं होता। कलरफुल राजस्थानी थीम में रंगों का भरपूर इस्तेमाल होता है। नक्काशीदार और हाथ की पेंटिंग वाला फर्नीचर, दीवारों से सटे लकडी के बक्से, लकडी के झरोखे और घर सजाने की संगमरमर की एक्सेसरीज इस थीम की जान है। वहींएंब्रॉयडरी, मिरर और छोटे-छोटे शंखों वाले कुशन कवर, ऐसी ही छोटी पेंटिंग्स, लकडी व कपडे की बनी गुडिय़ा, राजस्थानी लोक संगीतकारों की अलग-अलग आकार की मूर्तियां, हैंड ब्लॉक पेंटिंग वाली चादरें और परदे जैसे सामान पूरे घर को राजस्थानी रंग से सराबोर कर देते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह सामान बेहद आसानी से मिल जाता है। साथ ही वुडन चेस्ट्स, जिन्हें सेंटर या साइड टेबल की तरह यूज किया जा सकता है। ब्रॉन्ज एंड ब्रास साउथ इंडिया में ब्रॉन्ज और ब्रास के आइटम्स का काफी इस्तेमाल होता है। इस थीम के लिए चोला और हसैला स्टाइल के स्टैच्यू, दीये, कटावदार और बडा फर्नीचर, लकडी के खंभे और खिडकियों के फ्रेम एक्सेसरीज के रूप में इस्तेमाल होते हैं। इसके लिए घर के बीचों-बीच एक बरामदा होना अच्छा रहता है। इस थीम के साथ रेड ऑक्साइड फर्श और ब्लैक कदपा स्टोंस की फ्लोरिंग चलती है। यह स्टाइल तंजावूर और पुडुचेरी के पुराने घरों की खासियत है। पानी से भरे पीतल के बडे मटकों में ताजे फूलों की पंखुडिय़ां डालें। यह भी इस थीम के साथ खासे खूबसूरत लगते हैं।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप