यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'तण वाटे' मॉडल से बढ़ेगी राजस्थानी फिल्मों की गति: निर्देशक प्रदीप द्विवेदी
फिल्म निर्देशक प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि तण वाटे मॉडल से फिल्मों की गति बढ़ेगी। दरअसल 23 अगस्त से उदयपुर ...और पढ़ें

सुभाष शर्मा, उदयपुर। राजस्थानी फिल्म महोत्सव इस साल उदयपुर में होने जा रहा है। इसकी तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है। दो दिवसीय फिल्म महोत्सव इसी महीने 23 अगस्त से शुरू होगा। जीरो बजट वागड़ी (राजस्थानी) फिल्म 'तण वाटे' के निर्देशक प्रदीप द्विवेदी से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि यदि 'तण वाटे' मॉडल पर राजस्थानी फिल्मों का निर्माण होता है, तो न केवल राजस्थानी फिल्मों की गति बढ़ेगी, बल्कि फिल्म निर्माण आसान भी होगा।
उन्होंने बताया कि 80 के दशक में बनी पहली जीरो बजट वागड़ी (राजस्थानी) फिल्म 'तण वाटे' में प्रमुख कलाकार भंवर पंचाल (उदयपुर), जगन्नाथ तेली, कैलाश जोशी, नागेंद्र डिडोर, केमरामैन सालेह सईद (दुबई), संगीत निर्देशक डॉ शाहिद मीर खान (भोपाल), गायक अनिल जैन, हेमंत त्रिवेदी सहित किसी भी कलाकार ने कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था।
याद रहे, अशोक नगावत के निर्देशन में पुष्प प्रदेश फिल्म निर्माण समिति का गठन किया गया था, जो सामूहिक प्रयासों से फिल्म निर्माण की धारणा पर आधारित थी और इसी बैनर पर बांसवाड़ा के भागाकोट क्षेत्र में पहली बार शूटिंग हुई थी।
निर्देशक प्रदीप द्विवेदी का मानना है कि कलाकार, निर्देशक, संपादक, गायक आदि मिलकर समिति का गठन करें। अपनी योग्यता के सापेक्ष निशुल्क सेवाएं देकर फिल्म का निर्माण करें और फिल्म के लाभ को सदस्यों में वितरित कर दें, तो फिल्म निर्माण आसान और तनावरहित तो होगा ही, फिल्म निर्माण की गति भी बढ़ेगी।
