Move to Jagran APP

Rajasthan: बांसवाड़ा में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़ी, संचालक गिरफ्तार

Rajasthan नकली शराब की फैक्ट्री बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के झरनिया गांव में मध्य प्रदेश और गुजरात बार्डर के नजदीक पकड़ी गई। जहां से महज बीस किलोमीटर की दूरी पर गुजरात तथा पांच किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश की सीमा शुरू हो जाती है।

By Sachin Kumar MishraEdited By: Published: Sat, 13 Mar 2021 05:15 PM (IST)Updated: Sat, 13 Mar 2021 08:56 PM (IST)
Rajasthan: बांसवाड़ा में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़ी, संचालक गिरफ्तार
बांसवाड़ा में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़ी, संचालक गिरफ्तार। फाइल फोटो

उदयपुर, संवाद सूत्र। Rajasthan: बांसवाड़ा जिले में पुलिस ने गुजरात बार्डर के नजदीक नकली शराब की एक फैक्ट्री पकड़ी है। जहां से गुजरात के लिए शराब की सप्लाई का खुलासा हुआ है। मौके से ब्रांडेड शराब कंपनियों के नाम की सैकड़ों बोतलें बरामद हुई हैं, जिनमें नकली शराब भरी थी। नकली शराब की फैक्ट्री बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के झरनिया गांव में मध्य प्रदेश और गुजरात बार्डर के नजदीक पकड़ी गई। जहां से महज बीस किलोमीटर की दूरी पर गुजरात तथा पांच किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश की सीमा शुरू हो जाती है। मध्य प्रदेश तथा गुजरात जाने के लिए झरनिया गांव से केवल कच्ची सड़क है और ऐसे में वहां किसी को फैक्ट्री के संचालन का अनुमान ही नहीं था।

loksabha election banner

पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री से शराब की विभिन्न नामी कंपनियों के नाम के 143 कार्टन तथा 310 बोतलें बरामद हुईं। मौके से भारी मात्रा में स्प्रिट तथा तरल रंग भी बरामद किया, जिससे शराब तैयार की जाती थी। शराब में आरओ का पानी मिलाया जाता था और इसके लिए आरोपित ने फैक्ट्री में 1000 लीटर क्षमता वाला आरओ प्लांट लगाया हुआ था। पुलिस ने फैक्ट्री के संचालक वीरप्रताप सिंह उर्फ वीरू सिसाेदिया को गिरफ्तार कर लिया। जिसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह नकली शराब का पिछले छह माह से कारोबार कर रहा था तथा नकली शराब गुजरात में बेची जाती रही है। शराब की सप्लाई के लिए राजस्थान के लोग ही नहीं, बल्कि गुजराती लोग भी सक्रिय हैं, जिन्हें वह यह शराब औने-पौने दाम में बेचा करता था।

इन राज्यों में सप्लाई की नकली शराब

पुलिस पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि गुजरात ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश भी नकली शराब सप्लाई की जाती रही है। बताया गया कि झरनिया गांव से मध्य प्रदेश की सीमा भी महज पांच किलोमीटर दूर है। मध्य प्रदेश में शराब सप्लाई के लिए मुख्य या आम रास्तों की जगह अंदरूनी रास्तों के जरिए आया जाता है। इस क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच पुलिस की सक्रियता नहीं होने से अवैध शराब का कारोबार आसानी से चल रहा था। पिकअप ही नहीं, बल्कि ट्रकों के जरिए शराब मध्य प्रदेश भेजी जा रही है। पुलिस उप अधीक्षक गजेंद्र सिंह राव ने बताया कि आरोपित ने अभी तक यह नहीं बताया कि उसने नकली ब्रांड की बोतल तथा लेवल कहां से प्राप्त किए या मुद्रित कराए। पिकअप तथा ट्रकों के जरिए अवैध नकली शराब की सप्लाई किसके माध्यम से होती तथा उसका खरीदार कौन हैं, अभी पता लगाया जाना बाकी है।

इस तरह हुई कार्रवाई

बताया गया कि प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने बांसवाड़ा जिले में शराब की अवैध फैक्ट्री के संचालन की जानकारी बांसवाड़ा के पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर को दी थी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों एमपी सीमा से लगे हथुनिया गांव में प्रतापगढ़ थाना पुलिस ने नकली शराब की एक फैक्ट्री पकड़ी थी और वहां पकड़े गए आरोपितों से झरनिया क्षेत्र में इसी तरह की फैक्ट्री के संचालन की सूचना मिली थी।  


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.