जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग तो हुआ, लेकिन यह भाजपाइयों और आम जनता का ही कार्यक्रम बन कर रह गया। सरकार के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री को छोड कर अन्य कोई मंत्री या मुख्यमंत्री सार्वजनिक तौर पर योग करते नजर नहीं आए। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टवीट कर योग दिवस मनाने का अहवान जरूर किया।

राजस्थान में कांग्रेस राज का यह पहला योग दिवस था और इस पर राजनीति की छाया साफ तौर पर दिखी। सरकार ने योग दिवस मनाया तो सही, लेकिन सरकार की सक्रिय भागीदारी नजर नहीं आई। मामला चूंकि चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग से जुडा हुआ था, इसलिए चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के नेतृत्व में अजमेर में राज्यस्तरीय समारोह हुआ और वो खुद भी योग करते दिखे, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व सरकार के अन्य मंत्री सार्वजनिक तौर पर योग करते नजर नहीं आए।

सरकारी स्तर पर कार्यक्रम हर जिले में हुआ, लेकिन इनमें भी जिला कलक्टर व सरकार के अधिकारी ही मौजूद थे। सरकारी स्कूलो में बच्चों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की अनिवार्यता सरकार पहले ही खत्म कर चुकी थी तो स्कूलों में भी बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। मुख्यमंत्री अशेाक गहलोत ने टवीट कर योग दिवस मनाने का आहवान जरूर किया।

हालांकि आम जनता और भाजपा के नेता जोर-शोर से योग दिवस मनाते नजर आए। सभी सार्वजनिक पार्कों में योग दिवस के कार्यक्रम होते दिखे। वही भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर के यूनियन ग्राउंड पर भाजा नेताओं और आम लोगों के साथ योग करती दिखी। वहीं पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी अपने अपने शहरों में आयेाजित कार्यक्रमों में योेग करते नजर आए।  

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Posted By: Preeti jha

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