जयपुर, जागरण संवाददाता। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक मंडल के सदस्य और पंचखंड पीठाधीश्वर स्व.आचार्य धर्मेंद्र की चादरपोशी के कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के प्रमुख संत शामिल हुए। जयपुर जिले के विराटनगर में आयोजित कार्यक्रम में स्व.आचार्य धर्मेंद्र के उत्तराधिकारी सोमेंद्र महाराज की चादरपोशी की गई।

इस मौके पर संत संगम में संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि गौरख पीठ और स्व.आचार्य धर्मेंद्र के बीच तीन पीढ़ियों के संबंध रहे हैं। राम मंदिर आंदोलन की चर्चा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विहिप के नेतृत्व में इस आंदोलन को आचार्य धर्मेंद्र ने धार दी थी। वे कर्म में विश्वास करते थे। उन्होंने कभी फल की चिंता नहीं की। संतों ने अपने आंदोलन के हिसाब से साबित किया तो परिणाम आना ही था। राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि आचार्य धर्मेंद्र ने सनातन हिंदू धर्म के लिए विराट हिंदू समाज की रक्षा के लिए बढ़ चढ़कर भाग लिया। बेबाक और तर्क संगत तरीके से वे अपनी बात रखते थे। यही कारण है कि हिंदू समाज उनके प्रति आदर भाव व्यक्त करता है। उनका सनातन के लिए दिया गया योगदान हमेशा याद रहेगा।

उन्होंने कहा कि आचार्य धर्मेंद्र 50 साल से ऐसे सभी धार्मिक और आध्यात्मिक आंदोलनों में अग्रणी भूमिका में रहे थे, जिनके कारण हिंदू धर्म का संवर्धन हुआ हो। वे गौरक्षा आंदोलन में भी सक्रिय रहे। आदित्यनाथ ने आचार्य धर्मेंद्र की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। वे भंडारे में भी शामिल हुए।

इससे पहले योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से विमान से जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां हेलिकाप्टर से विराटनगर पहुंचे थे। बाद में वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ सहित देश के प्रमुख संत मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि आचार्य धर्मेंद्र का निधन 19 सितंबर को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में हो गया था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे थे।

Edited By: PRITI JHA

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