अजमेर, जेएनएन। राजस्थान के जयपुर में गत एक जुलाई को 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्‍कर्म की घटना और झारखंड में तरबेज अंसारी पर मॉब लिचिंग के विरोध में 5 जुलाई को अजमेर की सड़कों पर बड़ी संख्या में  एक समुदाय के हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

जुम्मे की नमाज के बाद सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के बाहर बड़ी संख्या में मुसलमान एकत्रित हुए और फिर जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। मुसलमानों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि दोनों ही घटनाओं में गंभीरता नहीं बरती जा रही है। जयपुर के दुष्‍कर्म केस में आरोपी अभी तक फरार है जबकि झारखंड वाले मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है।

कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। झारखंड में कथित चोरी के आरोप में तरबेज को 18 घंटे तक लगातार पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार जयपुर में भी मुस्लिम समुदाय की 7 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला हुआ है।  

 

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