जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में यदि किसी को अपनी गाड़ियों के लिए 0001 जैसा वीआईपी नम्बर चाहिए तो उसे 6 लाख रुपये तक देने पड़ सकते है। यह न्यूनतम राशि है। यदि इस नम्बर के एक से ज्यादा दावेदार हुए तो नम्बर की बोली लगाई जाएगी और जितनी ज्यादा बोली लगाएगा, उसे ही नम्बर दिया जाएगा।

राजस्थान में परिवहन विभाग गाड़ियों  के वीआईपी नम्बर निश्चित राशि लेकर ही देता है। इसके लिए चैपहिया और दुपहिया वाहनों की अलग अलग रेट है। अब विभाग ने इनकी कीमत में 600 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी कर दी है। अभी परिवहन विभाग की ओर से कार के लिए अधिकतम 1 लाख 1 हजार रुपये और दुपहिया के लिए 10 हजार रुपये का शुल्क लिया जाता है। यदि एक ही नम्बर को लेने के लिए आवेदकों की संख्या 1 से ज्यादा होती है तो नीलामी के जरिए नम्बर दिया जाता है।

अब तक आवेदक को उसी सीरिज में नम्बर लेना होता था जो चल रही है, लेकिन अब चलती हुई सीरिज के आगे की सीरिज का नम्बर भी ले सकेगा, हालांकि इसके लिए उसे दो से छह गुना तक पैसा देना पडेगा। चलती हुई सीरिज मे जो नम्बर 1 लाख 1 हजार रुपये में मिल रहा है उससे अग्रिम सीरीज में नंबर प्राप्त करने के लिए 2 लाख 2 हजार रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह तीसरी में 3 गुना व पांचवीं में 6 गुना तक पैसा देना पडेगा और आवेदक ज्यादा होते है तो नीलामी तो होगी ही। परिवहन विभाग ने 0001, 0003, 0005, 0007, 0009 और 0786 को वीआईपी नम्बर माना हुआ है। 

Posted By: Preeti jha

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