जयपुर, जागरण संवाददाता। देशभर के किन्नर राजस्थान के अलवर में जुटे हैं। यहां आयोजित सम्मेलन में किन्नर को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने को लेकर सरकार से मांग की गई। देशभर से जुटे किन्नरों ने केंद्र व राज्य सरकारों से कहा कि इस वर्ग का किस तरह से कल्याण और विकास हो, इसके लिए योजना बनाई जाए। कानून बनाकर लागू किया जाना चाहिए। शनिवार तक चलने वाले दस दिवसीय सम्मेलन में मथुरा, आगरा और जयपुर के किन्नरों ने कहा कि हम पैसों में सेठों से ज्यादा हैं, लेकिन अकेले हैं। समाज की मुख्य धारा से दूर हैं।

सम्मेलन के दौरान प्रतिदिन किन्नर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं और जमकर पैसा व जेवरात इसमें लूटाते हैं। इस वर्ग की परंपरा के अनुसार जयपुर की किन्नर लैला ने मथुरा की सोनम को बेटी बनाकर ढ़ाई तोला सोना उपहार में दिया। इस मौके पर मंगल गीत गाए गए। आयाेजन भरतपुर की मुखिया नीतू मौसी ने किया। उन्होंने कहा कि सब कुछ सुविधाएं होते हुए भी हम अकेले हैं। पैदा होते ही अपनों से दूर हो गए। इस तरह के आयोजन के जरिए हम अपने परिवार की कमी को पूरा करते हैं। हमारे जीवन यापन में कमी कोई नहीं, लेकिन एक बात मन में हमेशा रहती है कि हम भी अन्य की तरह परिवार में कैसे नहीं रह रहे।

मंहत दिव्या बाई ने बताया कि सम्मेलन में देशवासियों के सुख-चैन की दुआ की गई। देश में फैली कोरेाना महामारी से बचाव को लेकर दुआ मांगी गई। यहां पहुंचे सभी किन्नरों ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए अपनी तरफ से योगदान देने का संकल्प दिया। सम्मेलन में राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावार मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार के प्रतिनिधि शामिल हुए। उज्जैन किन्नर प्रीति बाई ने बताया कि सम्मेलन 1 तारीख से शुरू हुआ और अब 10 अप्रैल तक चलेगा । 

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