जयपुर, [जागरण संवाददाता] । 21वीं सदी मे भी अंधविश्वास का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा । अंधविश्वास के चलते सांप काटने से लेकर आत्मा तक के पीछे ग्रामीण रूढ़वादी सोच में जी रहे हैं । मंगलवार को राजस्थान के कोटा में इसका उदाहरण देखने को  मिला । शहर के एमबीएस अस्पताल के मुख्य द्वार पर पूजा-अर्चना कर कुछ लोग अपने मृतक रिश्तेदार की आत्मा को लेने आए । लोगों ने बाकायदा यहां पूजा-अर्चना कर तमाम अनुष्ठान किए और मृतक की भटक रही आत्मा को मुक्ति दिलाने की बात कही ।

दरअसल,कुछ दिन पूर्व बूंदी जिले के हिंडोली निवासी छेलाराम की मौत कोटा एमबीएस अस्पताल  में इलाज के दौरान हो गई थी । मृतक के भाई दुलीचंद के अनुसार मौत के बाद से ही छेलाराम घरवालों के सपने में आकार अपनी आत्मा की शांति के लिए अनुष्ठान कराने की गुहार लगा रहा था ।

इसी के चलते परिवारजन मंगलवार को पंडित को लेकर अनुष्ठान कराने  अस्पताल पहुंचे और आत्मा को लेकर लौट गए । इधर अस्पताल प्रशासन को जैसे ही अस्पताल में अनुष्ठान कराने की जानकारी मिली तो  सुरक्षाकर्मियों ने मृतक के परिजनों को हटाने का प्रयास किया,इस दौरान दोनों पक्षों में बहस भी हुई । हालांकि मृतक के परिजन बाद में अस्पताल के मुख्य द्वार से थोड़ा दूर बैठकर पंडित से अनुष्ठान कराने लगे । अनुष्ठान समाप्त होने के बाद ही वे अपने गांव  लौटे । 

Posted By: Preeti jha

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