नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधानसभा चुनाव अभियान की कमान पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में रहेगी, वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के "चेहरे" को आगे रखकर चुनाव लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे केवल चुनाव प्रचार करेंगी और चुनाव अभियान की कमान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी.सतीश, प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन लाल सैनी के हाथ में रहेगी।

चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व वसुंधरा राजे अपनी "सुराज गौरव संदेश यात्रा"के जरिए प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर आम लोगों के साथ संवाद करेंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दिल्ली स्थित निवासी पर मंगलवार को राजस्थान विधानसभा चुनाव अभियान और संगठनात्मक मामलों को लेकर बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर और प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी मौजूद रहे।

बैठक में शामिल हुए एक नेता ने बताया कि वसुंधरा राजे की यात्रा की तारीख अगले दो दिन में तय कर दी जाएगी। यात्रा की शुरुआत के मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और आधा दर्जन केंद्रीय मंत्री एक जनसभा को संबोधित करेंगे। करीब दो माह की यात्रा के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा आयोजित करवाए जाने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। यात्रा के संचालन की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी के पास रहेगी। यात्रा उदयपुर संभाग से प्रारम्भ होगी।

जानकारी के अनुसार, इस बार चुनाव अभियान की पूरी कमान केन्द्रीय नेतृत्व के पास रहेगी। राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी.सतीश और प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना अगस्त के अंत में ही जयपुर पहुंचे जाएंगे और चुनाव संपन्न होने तक ये सभी नेता यहीं रहेंगे। ये तीनों नेता सीधे अमित शाह के संपर्क में रहेंगे। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भूपेन्द्र यादव ने ही कमान संभाली थी। इस बार वी.सतीश और अविनाश राय खन्ना भी चुनाव अभियान का कामकाज देखेंगे।

जनाधार वाले नेताओं को पदाधिकारी बनाया जाएगा

दिल्ली में मंगलवार की बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी की टीम बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हुई । शाह ने सभी को साथ लेकर नई टीम गठित करने के निर्देश दिए। इस बार प्रदेश कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को जोड़ा जाएगा, जो पिछले कुछ समय से अलग-थलग चल रहे है, लेकिन उनकी आम मतदाताओं में पकड़ है। कार्यकारिणी में जातिगत समीकरणों के साथ ही संघ की पसंद के नेताओं को भी पदाधिकारी बनाया जाएगा। प्रदेश कार्यकारिणी का गठन अगस्त माह के पहले सप्ताह तक होने की बात सामने आई है। 

Posted By: Sachin Mishra