यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामला: सरकारी टीचर ने 40 लाख में खरीदा था पेपर, 5-5 लाख में अभ्यर्थियों को बेचा
Rajasthan paper Leak सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा लीक मामले में आरोपी भूपेंद्र सारण ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ...और पढ़ें

उदयपुर, जागरण डेस्क। Rajasthan paper Leak: सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा लीक मामले में आरोपी भूपेंद्र सारण ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस से हुई पूछताछ मामले में गिरफ्तार सारण ने बताया कि सरकारी टीचर शेरसिंह मीणा ने उससे 40 लाख रुपये में पेपर लिया था। इसके बाद 5-5 लाख रुपये में अन्य अभ्यर्थियों को पेपर बेचा था।
पेपर लीक का माफिया टीचर
बता दें कि इस पेपर लीक मामले में जयपुर के चौमू निवासी टीचर को माफिया बताया जा रहा है। उदयपुर पुलिस ने मास्टर माइंड सारण ने पूछताछ कि जिसमें उसने खुलासा किया कि 24 दिसंबर 2022 को टीचर भर्ती का जनरल नॉलेज का पेपर था। उस दिन आबूरोड में सरकारी टीचर शेरसिंह मीणा परीक्षा केंद्र पर तैनात थे। उन्होंने ही भूपेंद्र सारण को पेपर उपलब्ध कराया था।
पुलिस के डर से भाग गया था अहमदाबाद
बता दें कि पुलिस के डर से आरोपी टीचर शेरसिंह मीणा अहमदाबाद फरार हो गया था। 25 दिन बिताने के बाद वापस वह राजस्थान लौट आया और जालोर, बीकानेर, बाड़मेर, अजमेर, फागी जैसी जगहों में रुका। गिरफ्तारी के डर से वह दोबारा अहमदाबाद भाग गया, जहां वो 28 दिनों तक रुका और उसके बाद बेंगलुरु चला गया। पुलिस ने आरोपी टीचर को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था।
हाईकोर्ट ने रद्द की सरगना पीराराम की जमानत याचिका खारिज
सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा लीक मामले में हाईकोर्ट ने बस में नकल के दौरान पकड़े गए बस ड्राइवर पीराराम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी ने सरगना सुरेश विश्नोई के साथ प्लानिंग की है और उसने संगठित गिरोह के सदस्य के रूप में परीक्षार्थियों को इकट्ठा किया। उसने परीक्षा में नकल के लिए बस व क्रेटा गाड़ी उपलब्ध कराई।
