जयपुर, जेएनएन। राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली इंदिरा गांधी नहर मरम्मत कार्य के चलते ढ़ाई माह तक बंद रहेगी। प्रदेश के 10 जिलों में पानी की आपूर्ति करने वाली इंदिरा गांधी नहर बंदी के चलते करीब 15 लाख एकड़ कृषि भूमि में फसलों की बुवाई प्रभावित होने की उम्मीद है । 25 मार्च से नहर बंदी होगी और 5 जून तक चलेगी । नहर बंदी के दौरान नहर से सिंचाई के लिए बिलकुल भी पानी नहीं मिलेगा । इससे पश्चिमी राजस्थान में स्थित जिलों में बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होगी । नहर से पेयजल तो छोड़ा जाएगा । नहर बंदी से 15 लाख एकड़ में बुवाई प्रभावित होने की आशंका जताते हुए क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसकी समयावधि कम करने की मांग की है । 

राजस्थान और पंजाब में होगी रिलाइनिंग 

जलदाय संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि नहर बंदी की तारीखों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 25 मार्च से 70 दिन की बंदी प्रस्तावित है और यह लगभग तय है। मित्तल ने कहा कि इसमें से पहले 40 दिन नहर में इतना पानी प्रवाहित होगा कि इससे जुड़े जिलों की पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके। उसके बाद के 30 दिन नहर पूरी तरह बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि पहले भी नहर में बंदी पहले भी होती रही है, लेकिन इस बार एक साथ 70 दिन के लिए बंदी हो रही है। नहर बंदी के दौरान इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत का काम होगा।

इस दौरान राजस्थान में 42 किलोमीटर और पंजाब में 30 किलोमीटर नहर की रिलाइनिंग का काम होना है। इस बीच अनूपगढ़ से बीजेपी विधायक संतोष बावरी ने यह मामला इसी सप्ताह विधानसभा में उठाया और सरकार से मांग की किनहर बंदी के निर्णय पर पुनर्विचार कर 70 के बजाय उसे 40 दिन किया जाए । जलदाय विभाग के पास अधिकतम 30 दिन के जल भंडारण की क्षमता है।

उल्लेखनीय है कि नहर की रिलाइनिंग के लिए साल 2018-19 में 29 दिन और वर्ष 2017-18 में 35 दिन की नहर बंदी की गयी थी । वहीं 2016-17 में 24 दिन, 2015-16 में 15 दिन और 2014-15 में 20 दिन की बंदी हुई थी । किसान नेताओं के अनुसार अप्रैल और मई में पहली बार बंदी हो रही है ऐसे में खरीफ की बुवाई प्रभावित हो सकती है। 

 

Posted By: Babita kashyap

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस