जागरण संवाददाता,जयपुर। राजस्थान में ट्रांसजेंडर्स को शिक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए अशोक गहलोत सरकार आर्थिक मदद करेगी। ट्रांसजेंडर्स को अलग से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे । इन पहचान पत्र के आधार पर वह सरकार की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। राज्य सरकार प्रतिवर्ष 20 नवंबर को प्रदेशभर में ट्रांसजेंडर्स दिवस मनाएगी। इस दिन प्रदेश एवं जिला स्तर पर किन्नर महोत्सव मनाया जाएगा।

राज्य स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में 10 लाख एवं जिला स्तर पर होने वाले समारोह के लिए 1 लाख की मदद दी जाएगी। गहलोत सरकार ने ट्रांसजेंडर्स उत्थान कोष के नाम से एक योजना तैयार की है। इस योजना के तहत उन्हें फायदा दिया जाएगा, जिनकी आमदनी वार्षिक 8 लाख रुपए से कम है।

ट्रांसजेंडर्स बच्चों को प्रति माह प्री मेट्रिक में 225 रुपए और पोस्ट मेट्रिक छात्रवृति के रूप में 1000 रुपए दिए  जाएंगे। ट्रांसजेंडर्स बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्चा सरकार उठाएगी। तकनीकी और प्रोफेशल कोर्स के लिए पूरी फीस सरकार की तरफ से दी जाएगी। घर से दूर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वालों के लिए 72 हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। अधिक उम्र के ट्रांसजेंडर्स यदि शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो उन्हें भी बच्चों की तरह ही सुविधा मिलेगी। इन्हें रोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग मुफ्त में कराई कराई जाएगी।

राज्य सरकार के प्रशिक्षण केंद्रों के अतिरिक्त निजी संस्थानों में इन्हे प्रशिक्षित करने की सुविधा दी जाएगी। योजना के अनुसार यदि कोई ट्रांसजेंडर लिंग चेंज सर्जरी करवाना चाहता है तो उसे राज्य सरकार ढ़ाई लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देगी। इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना से जोड़ा जाएगा। गहलोत सरकार ने ट्रांसजेंडर्स के लिए प्रदेश एवं जिला स्तर पर सामुदायिक भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जयपुर के जामड़ोली में वृद्धाश्रम बनाया जाएगा।

करीब दो हेक्टेयर जमीन में बनने वाले वृद्धाश्रम में एकल खिड़की योजना शुरू होगी। एकल खिड़की से ट्रांसजेंडर्स की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कर्मचारी बैठेंगे।

Edited By: Priti Jha