वेब सीरीज 'फर्जी' से लिया आइडिया, 'Alibaba' से मंगाए पेपर; राजस्थान में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़
राजस्थान के डूंगरपुर में फर्जी नोट छापने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

डूंगरपुर में फर्जी नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़
HighLights
डूंगरपुर में फर्जी नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश।
शाहिद कपूर की वेब सीरीज 'फर्जी' से मिला आइडिया।
अलीबाबा से कागज मंगाकर छापते थे 500 के नकली नोट।
डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले फर्जी नोट छाप रही गैंग का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस ने पहले दो लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं अब गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार और लोगों को अरेस्ट किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फर्जी नोट छाप रहे इस गिरोह ने शाहिद कपूर की वेब सीरीज 'फर्जी' देखी थी। इसी वेब सीरीज से इन लोगों ने नकली नोट छापने का प्लान बनाया।
नकली नोट छापने वाले गैंग का भंडाफोड़
डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार ने बताया कि यह मामला 30 सितंबर को सामने आया, जब पुलिस ने रामसागडा थाना क्षेत्र के माडा स्कूल ग्राउंड से भावेश खटीक और नयन जोशी नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया।
SP मनीष कुमार ने कहा, '30 सितंबर को पुलिस ने भावेश खटीक और नयन जोशी को 4,95,500 रुपये के नकली 500 रुपये के नोटों के साथ पकड़ा। पूछताछ के दौरान, उत्तर प्रदेश के रहने वाले रवि मिश्रा का नाम सामने आया, जो इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड था।
पुलिस ने 1300 किलोमीटर तक किया पीछा
पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से रवि कुमार मिश्रा डूंगरपुर से भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बार-बार अपनी जगह बदल रहा था।
SP मनीष कुमार ने बताया, 'आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी जगह बदल रहा था। हमारी टीम ने तीन दिनों तक करीब 1,300 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और आखिरकार पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया।'
अलीबाबा से मंगाया नोट छापने का कागज
पुलिस ने हरियाणा के अंबाला निवासी आनंद राजपूत को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने ही रवि मिश्रा को नकली नोट बनाना सिखाया था और ऑनलाइन मार्केटप्लेस 'अलीबाबा' के जरिए नोट छापने के लिए कागज मंगाने में उसकी मदद की थी।
एक अन्य आरोपी, आरिफ मोहम्मद को उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरिफ 'अंकित पेपर सेलर' नाम से एक टेलीग्राम चैनल चलाता था। आरोप है कि इसी चैनल के जरिए वह नकली नोट छापने के लिए जरूरी कागज उपलब्ध कराता था।
पुलिस की एक दूसरी टीम ने छत्तीसगढ़ के रहने वाले तरुण मलेकर को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने ही इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड को 500 रुपये के नोटों के डिजाइन वाली फोटोशॉप PSD फाइलें मुहैया कराई थीं।
एसपी मनीष कुमार ने बताया, 'पूछताछ के दौरान पता चला कि आनंद राजपूत ने रवि मिश्रा को नकली नोट बनाना सिखाया था। आरिफ मोहम्मद टेलीग्राम चैनल के जरिए कागज सप्लाई करता था, जबकि तरुण मलेकर 500 रुपये के नोटों की PSD फाइलें देता था।'
'फर्जी' वेब सीरीज से बनाया नकली नोट छापने का प्लान
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को नकली भारतीय करेंसी छापने का आइडिया वेब सीरीज 'फर्जी' देखकर आया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आनंद राजपूत, जिसने मास्टरमाइंड को ट्रेनिंग दी थी , उसने यूट्यूब वीडियो और फोटोशॉप की मदद से नकली नोट छापना सीखा था।
