जागरण संवाददाता, जयपुर। CAA Protest In Rajasthan. सीएए, एनआरसी और एनआरपी के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे अल्पसंख्यक संगठनों के धरने में शुक्रवार शाम राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे। गहलोत ने धरने पर बैठे मुस्लिम समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है, आपसे पहले मैं डिटेंशन कैंप में जाऊंगा। गहलोत ने कहा कि राज्य में एनआरसी, सीएए और एनआरपी लागू नहीं करने दिया जाएगा।

धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि सरकार आपके साथ है। नरेंद्र मोदी चुने हुए देश के प्रधानमंत्री हैं तो मैं भी प्रदेश की जनता द्वारा चुना गया मुख्यमंत्री हूं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी व्यक्ति को डिटेंशन कैंप में नहीं जाने दिया जाएगा, अगर जाना पड़ा तो प्रदेश का मुखिया होने के नाते आपसे पहले मैं वहां जाऊंगा। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस और प्रदेश सरकार आपके साथ है।

सीएए की चर्चा करते हुए गहलोत ने कहा कि जो बात टेक्निकल रूप से लागू ही नहीं हो सकती, उसे लागू करने का क्या तुक है। यह देश के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। केंद्र सरकार को जन भावना समझकर कोई भी कानून बनाना चाहिए। असम में एनआरसी लागू होने का वहां की भाजपा सरकार ही विरोध कर रही है। वहां हिंदू हो या मुसलमान सभी लोगों को काफी परेशानी हुई है। भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि वे देश को तोड़ने की बात करते हैं और कांग्रेस देश को जोड़ने की बात करती है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम की चर्चा करते हुए गहलोत ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने भाजपा को सबक सिखा दिया। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा 16 केंद्रीय मंत्री, तीन-चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया, लेकिन उन्हे निराशा हाथ लगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों को भड़काने का काम करते हैं। इस मौके पर कांग्रेस विधायक अमिन कागजी और विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों के नेता मौजूद थे।

आपस में अंग्रेजी में बात करने पर आपत्ति

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जयपुर में एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान में अंग्रेजी का माहौल बढ़ रहा है, लेकिन हिंदी माध्यम से शिक्षित प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का फर्ज है कि वह ऐसे फैसले ले, जिससे आमजन को लाभ मिले। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए कदम उठाए हैं, हमारा प्रयास है कि प्रदेश का हर बच्चा शिक्षा से जुड़े और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषी इलाके के लोग जब आपस में बैठकर अंग्रेजी में बाते करते हैं तो मुझे यह अच्छा नहीं लगता, मुझे अपने लोगों से अंग्रेजी में बातचीत करने पर सख्त आपत्ति है। 

Posted By: Sachin Kumar Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस