जागरण संवाददाता, जयपुर। एससी, एसटी एक्ट संशोधन को लेकर लाए गए बिल के विरोध में गुरुवार को बंद का राजस्थान में व्यापक असर देखने को मिला। प्रदेश के शहरों और कस्बों में सुबह से ही बाजार नहीं खुले, अधिकांश निजी स्कूलों में छुट्टी रही। जयपुर में पुलिस और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच झड़प हुई, जिसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

बांरा, भरतपुर, अलवर और श्रीगंगानगर में पुलिस और बंद समर्थक आमने-सामने हुए। टकराव की आशंका हो देखते हुए पुलिस ने समता आंदोलन समिति के अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा सहित समिति के कई पदाधिकारियों को सुबह हिरासत में ले लिया, वहीं करणी सेना के एक दर्जन पदाधिकारियों को हिंसा नहीं करने के लिए पाबंद किया गया था।

सवर्ण और ओबीसी वर्ग के लोग सुबह से ही बाजारों को बंद कराने में जुट गए। हालांकि प्रदेश के अधिकांश शहरों और कस्बों में लोगों ने स्वत: ही बंद का समर्थन किया। जयपुर में मुख्य बाजार बंद रहे, व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया। शहर के खोनागोरियान क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, इसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गए। लाठीचार्ज के विरोध में लोगों ने पुलिस थाने का घेराव किया।

पुलिस ने इस मामले में डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। बांरा में पुलिस और बंद समर्थकों के बीच टकराव हुआ। यहां भीड़ ने शहर के बाजारों में घूमकर बाजार बंद करवाए। श्रीगंगानगर, अलवर और भरतपुर में भी कुछ देर के लिए विवाद के हालात उत्पन्न हुए, लेकिन पुलिस ने काबू कर लिया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला।  

Posted By: Sachin Mishra