जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन दिनभर हंगामा हुआ। हंगामे के कारण अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के चलते ना तो प्रश्नकाल हो सका और ना ही शून्यकाल हुआ। हंगामे के बीच ही विधायी कार्य संपन्न करवाया गया। गुरुवार को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी के विधायक मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा में सरकारी धन के दुरुपयोग और इसको लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय को लेकर जोर-जोर से बोलने लगे।

हंगामा करते हुए विधायक वेल में आ गए। हंगामे के बीच ही कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह मौजूदा विधानसभा में चार हजार प्रश्न स्थगित करने पर आपत्ति जताई। इस मुद्दे को लेकर डोटासरा की सत्तापक्ष के विधायकों के साथ नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी विधायकों ने वैल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा और निर्दलिय विधायक हनुमान बेनीवाल की अगुवाई में विपक्ष के विधायकों ने सीएम की गौरव यात्रा और प्रश्न स्थगित किए जाने को लेकर हंगामा जारी रखा।

इस पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 4 बजे फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के विधायक वैल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे । इस पर उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने हंगामे के बीच ही विधायी कार्य संपन्न करवाना प्रारंभ किया। इस दौरान संस्कृत विवि और निजी विवि के संशोधन विधेयक पारित किए गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई ।

संसदीय कार्यमंत्री बोले, सदन से भाग रही है कांग्रेस 

विपक्ष के विधायकों द्वारा सदन में हंगामा करने पर संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सदन से भाग रही है। सत्तापक्ष सदन चलाकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराना चाहता है, लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं चाहता।

कांग्रेस ने कहा, सरकारी खर्च ब्यौरा दो

कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा ने सीएम की गौरव यात्रा पर सरकारी खर्च को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। डोटासरा इस पर आज ही चर्चा कराना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। इस पर हंगामा हो गया। डोटासरा ने कहा कि यात्रा पर सरकारी खर्च का पूरा ब्यौरा सदन में दिया जाना चाहिए।  

Posted By: Sachin Mishra