जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में सात साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। हंगामे के कारण अध्यक्ष डॉ. सीपीजोशी को सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने सदन में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से यह मामला उठाते हुए कहा कि आरोपित 65 बार दुष्कर्म की घटनाओं में वांछित है। मुख्यमंत्री को दिल्ली से फुर्सत नहीं है। मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के मुखिया को मनाने के लिए 65 बार दिल्ली की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में मासूमों के साथ हो रही दरिंदगी पर ध्यान देने का उनके पास समय नहीं है। लाहोटी ने कहा कि प्रदेश की राजधानी में एक जुलाई हम सबके लिए शर्मनाक रहा। सात साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। आरोपित सात दिन तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा। उन्होंने आरोपित को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी हैं।

इस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने आपत्ति करते हुए जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित सत्तापक्ष के अन्य विधायक अपनी सीट से खड़े होकर भाजपा पर राजनीत करने का आरोप लगाने लगे। लाहोटी ने कहा कि बच्ची से दुष्कर्म के बाद लोग सड़कों पर उतरे, शहर में आतंक का माहौल रहा। जयपुर की सड़कों पर तांडव किया गया। लोगों के घरों पर पथराव किए गए। लोगों के घर जलाए गए। शीशे फोड़े, गाड़ियां तोड़ी गईं और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। मैं ये जानना चाहता हूं कि इस घटना में किसका श्रेय था।

पुलिस को मूकदर्शक बनाने के लिए किसका आदेश था, क्या किसी समुदाय विशेष को संरक्षण था। एक समुदाय विशेष को इस तरह की गुंडागर्दी की छूट देना राजस्थान के इतिहास में पहली बार देखने को मिला। जयपुर में अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया। लाहोटी के साथ विपक्ष के अन्य विधायकों ने बोलना शुरू किया तो कांग्रेस विधायकों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। इस पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 

Posted By: Sachin Mishra

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