जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के अलवर में मूक-बधिर नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों को पुलिस शनिवार को पांचवें दिन भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। भाजपा ने इस प्रकरण की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। घटना के विरोध में भाजपा 17 और 18 जनवरी को मंडल स्तर पर प्रदर्शन करेगी। घटनाक्रम के पहले दिन सामूहिक दुष्कर्म बता रही पुलिस और मेडिकल टीम ने अब नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने से इन्कार कर दिया है। अलवर जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अब तक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नाबालिग जिस आटो रिक्शा में सवार होकर अपने घर से अलवर तक पहुंची, उसकी एफएसएल जांच में भी कोई संशय नजर नहीं आ रहा है। जबकि गौतम ने बुधवार को सामूहिक दुष्कर्म बताया था।

पीड़िता के पिता को हर संभव मदद का भरोसा

जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने कहा कि पांच चिकित्सकों की टीम ने जांच की है,जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। पड़ाडिया ने पहले दिन दुष्कर्म माना था। जयपुर के जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डा. अरविंद शुक्ला ने कहा कि पीड़िता के गुप्तांग में चोट दुष्कर्म के कारण नहीं लगी है। किसी नुकीली चीज के हमले से यही चोट लगी है। पहले दिन अस्पताल के चिकित्सकों ने दुष्कर्म की बात कही थी। इसी बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़िता के पिता से मोबाइल पर बात कर हर तरह की मदद करने का भरोसा दिलाया है। प्रियंका ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को फोन कर पीड़िता के इलाज और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई के लिए कहा है।

चार दिन बाद सीएम का ट्वीट

प्रियंका के फोन के बाद सीएम ने शुक्रवार देर रात ट्वीट कर कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और चिकित्सकों से संपर्क बना हुआ है। पुलिस महानिदेशक को स्वतंत्र व निष्पक्ष अनुसंधान कर शीघ्र मामले की तह तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकरण में राजनीतिक दलों द्वारा अनर्गल बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए। पुलिस को स्वतंत्र रूप से अनुसंधान शीघ्र पूर्ण करने देना चाहिए। प्रकरण में चार दिन तक कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मामला उठने और प्रियंका द्वारा किए गए फोन के बाद सीएम ने शुक्रवार देर रात ट्वीट किया था।

विपक्ष के निशाने पर सरकार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि नाबालिग के साथ हुई घटना निर्भया कांड जैसी है। पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है। पुलिस से जांच की उम्मीद नहीं है। पूरे घटनाक्रम की सीबीआइ जांच होनी चाहिए। पूनिया ने कहा कि प्रियंका तीन दिन तक रणथंभौर में रहीं, लेकिन जयपुर में पीड़िता से मिलने तक नहीं पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पहले तो दुष्कर्म मानकर चार मंत्री नाबालिग से मिलने अस्पताल पहुंचे। पीड़िता को साढ़े तीन लाख की मदद भी दी, लेकिन अब दुष्कर्म की घटना से ही इन्कार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका यूपी में मैं लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा देती हैं, लेकिन राजस्थान में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर ध्यान नहीं दे रही हैं। एक साल में दुष्कर्म के 4336 मामले दर्ज हुए हैं। भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के गांव जाकर उसके स्वजनों से मिला। वहीं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायकों ने जेके लोन अस्पताल पहुंचकर पड़िता से मुलाकात की। सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्यपाल कलराज मिश्र से हस्तक्षेप कर सरकार को जांच के लिए निर्देश देने की मांग की है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra