जयपुर, जेएनएन। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) का घाटा पूरा करने के लिए सरकारी बसों का किराया बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए निगम प्रशासन की ओर से एक प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव में 25 से 30 फीसद तक किराया बढ़ाने की बात कही गई है।

राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्स्था सरकार के हाथ में है और परिवहन निगम बसो का संचालन करता है। पिछली सरकार ने इसे निजी हाथों में देेने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। हालांकि लोक परिवहन सेवा के नाम पर रूटों का अराष्ट्रीयकरण कर दिया गया था और निजी बसों को भी इन रूटों पर चलने की अनुमति दे दी गई थी। इससे रोडवेज की स्थिति और खराब हो गई थी। हालांकि मौजूदा सरकार ने आने के बाद हाल में आधे मार्गों पर निजी बसों को दिए परमिटों का नवीनीकरण नहीं किया है और अब आधे रूटों पर सरकारी बसें ही चलेंगी। इससे रोडवेज की स्थिति कुछ सुधरने की उम्मीद है। इसके साथ ही अब निगम रोडवेज का किराया बढाने की तैयारी भी कर रहा है।

राजस्थान रोडवेज के पास करीब 3100 बसें है। लेकिन इसका घाटा 4850 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है। डीजल के दामों में बढ़ोतरी के कारण यह घाटा हर माह बढ़ता जा रहा है। हालांकि सरकार हर महीने रोडवेज को विशेष पैकेज के रूप में 45 करोड़ रुपये की मदद रोडवेज को देती है, लेकिन यह ज्यादातर राशि बसों के रख-रखाव में ही खर्च हो जाती है। रोडवेज के किराए में वर्ष 2016 में वृ़िद्ध की गई थी। इसके बाद से डीजल की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, वहीं बसों का सामान्य रख-रखाव भी महंगा हो चुका है।

ऐसे में रोडवेज के लिए अब अपनी आय बढ़ाने के लिए किराए में वृद्धि का ही विकल्प बचा हैै और रोडवेज प्रशासन ने राज्य सरकार के पास किराया बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। सरकार को भेजे प्रस्ताव में रख-रखाव की लागत और डीजल की कीमत बढ़ने के साथ ही यात्री सुविधाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है। प्रस्ताव में रोडवेज की साधारण, एक्सप्रेस और एयरकंडीशन सभी तरह की बसों में किराया बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी गई है। रोडवेज प्रशासन ने 25 पैसे प्रति किमी से लेकर 38 पैसे प्रति किमी तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है।

अभी साधारण बस में 95.01 पैसे प्रति किमी से लेकर सवा दो रुपये प्रति किलोमीटर तक किराया लग रहा है। नए प्रस्ताव में इसे सवा रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ा कर ढाई रुपये प्रति किलोमीटर करने का प्रस्ताव है। लागत बढ़ने के साथ ही रोडवेज प्रशासन ने यह तर्क भी दिया है कि वे बसों में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगे। प्रस्ताव के तहत सुविधा बढ़ाने के नाम पर साधारण बसों में दो पैसे, एक्सप्रेस बसों में तीन पैसे, डीलक्स बसों में पांच पैसे और एसी बसों में 10 पैसे प्रति किमी शुल्क बढ़ाने की अनुमति मांगी गई है। रोडवेज के इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार विचार कर निर्णय करेगी। हालांकि अभी निकाय चुनाव को देखते हुए यह बढ़ोतरी दिसंबर तक टाली जा सकती है।

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Posted By: Sachin Mishra

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