जयपुर, जेेएनएन। राजस्थान में आर्थिक आधार पर आरक्षण की शर्तों में दी गई छूट को लेकर अब कांग्रेस और भाजपा में श्रेय लेने की होड़ नजर आ रही है। इसे लेकर जहां पिछले कई दिनों से विभिन्न संगठन प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का अभिनंदन कर रहे हैं, वहीं रविवार को राजस्थान के क्षत्रिय समाज की ओर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का अभिनंदन किया गया।

आर्थिक आधार पर आरक्षण केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया है। हाल में राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने इसमें संपत्ति से जुड़े प्रावधान हटा दिए। ऐसे में अब इस आरक्षण के लिए पात्रता का प्रमाणपत्र बनवाना आसान हो गया है। राजस्थान में कांग्रेस इस मामले को जमकर भुना रही है। निकाय चुनाव प्रचार में इसे मुद्दा बनाया गया और मुख्यमंत्री निवास पर पिछले कई दिनों से इसे लेकर विभिन्न संगठन उनका स्वागत कर रहे हैं। अब यह सिलसिला भाजपा में भी शुरू हो रहा है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय पर रविवार को श्री क्षात्र-पुरषार्थ फाउंडेशन एवं श्री क्षत्रिय युवक संघ द्वारा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया का साफा पहनाकर सम्मान किया गया। नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया, जिसमें राजस्थान की भौगोलिक एवं सामाजिक आधार पर कुछ शर्तों का पालन संभव नहीं था। उन विसंगतियों को दूर करने की मांग को भाजपा ने पुरजोर तरीके से उठाया गया और राज्य सरकार पर दबाव बनाकर विसंगतियों को दूर करवाया।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा कि नरेंद्र मोदी के रूप में भारत को ऐसा नेतृत्व मिला, जिसने राजनीति को समाज नीति से जोड़ने का सरोकार किया। आर्थिक आधार पर पिछड़े हुए सवर्णों को मुख्य धारा में लाना और उनके उत्थान के लिए आरक्षण की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय संविधान की व्यवस्था के बाद पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के उत्थान के लिए आरक्षण की पूरजोर वकालत की थी। इसी विचारधारा के फलस्वरूप मोदी सरकार ने इस कार्य को पूर्ण किया। राजस्थान में भाजपा के विधायकों ने यहां की स्थितियों को देखते हुए इसके प्रावधानों में रियायत देने की मांग मजबूती से विधानसभा में रखी, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर संशोधन किया।

पूनियां ने कहा कि इस वर्ष दो दीपावली मनाई गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया क्षत्रिय सूर्य कुल में उत्पन्न श्रीराम की जन्मभूमि का निर्णय दूसरी दीपावली जैसा था। उन्होंने कहा भारत की धरती पर जन्म लेना और क्षत्रिय कुल में जन्म लेना और भी गौरव की बात है। समाज में जो जातियों की दीवारें रही है वे हमें एक-दूसरे के प्रति समर्पित होने से रोकती है, लेकिन भाजपा और संघ की विचारधारा ऐसी दीवारों को ध्वस्त करती है।

पूनिया ने कहा कि बड़ा राजनेता वही है जो किसी जाति का ना होकर सभी जातियों का नेतृत्व करता है और उनके द्वारा स्वीकारोक्त होता है। 1998 में जब भाजपा को विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था, उस स्थिति में अजमेर में सम्राट पृथ्वीराज चैहान के स्मृति स्थल से भरतपुर के महाराजा सूरजमल के स्मृति स्थल तक 25 दिन की भाजपा युवा मोर्चा द्वारा जो यात्रा निकाली गई, वह सभी जातियों को एकत्रित करने और समाज के उत्थान के लिए थी। इसमें राष्ट्रीय भावना का संदेश था। यह यात्रा राजस्थान के जातिगत बंधन को तोड़कर एक होने का संदेश देने में सफल रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) चन्द्रशेखर ने कहा कि संघ की विचारधारा सदैव किसी एक जाति अथवा समाज के उत्थान को लेकर नहीं रही है। हम प्रारम्भ से ही राष्ट्रहित की बात करते है और राष्ट्रहित तभी संभव है, जब भारत की समस्त जातियां व समाज सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि इन संगठनों के प्रमुख भगवान सिंह रोलसाहबसर का प्रयास है कि उनकी यह मांग पूरी हुई और भाजपा के प्रयास से इसमें जो विसंगतियां थी उनको हमने राज्य सरकार के समक्ष रखकर दूर करवाया।

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Posted By: Sachin Mishra

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