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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: पायलट खेमे के विधायक ने गहलोत सरकार पर लगाए फोन टैपिंग और जासूसी के आरोप

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Sat, 12 Jun 2021 06:49 PM (IST)

Rajasthan गहलोत सरकार पर फिर टेलीफोन टैपिंग के आरोप लगे हैं। यह आरोप खुद कांग्रेस के ही विधायक वेद प्रकाश ...और पढ़ें

पायलट खेमे के विधायक ने गहलोत सरकार पर लगाए टेलीफोन टैपिंग और जासूसी के आरोप। फाइल फोटो
पायलट खेमे के विधायक ने गहलोत सरकार पर लगाए टेलीफोन टैपिंग और जासूसी के आरोप। फाइल फोटो

जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर फिर टेलीफोन टैपिंग के आरोप लगे हैं। यह आरोप खुद कांग्रेस के ही विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने लगाए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के विश्वस्तों में शामिल सोलंकी ने कांग्रेस आलाकमान को इस संबंध में शिकायत करते हुए कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। सोलंकी ने शनिवार को एक बातचीत में कहा कि पायलट समर्थक विधायकों के टेलीफोन टेप करवाए जा रहे हैं। उनकी जासूसी करवाई जा रही है। विधायकों को कामकाज में फंसाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पायलट खेमे के विधायकों की सिफारिश पर लगे सरकारी अधिकारियों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में ट्रैप कराने की धमकी दी जा रही है। अधिकारियों से कहा जा रहा है कि पायलट खेमे के विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं किए जाएं। उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया जाए।

सोलंकी ने कहा कि पायलट खेमे के कई विधायक अपने फोन टैपिंग की शिकायत कर चुके हैं। शुक्रवार को भी तीन विधायकों ने फोन टैपिंग कराने की बात कही। उनके समर्थक कार्यकर्ताओं में भय का माहौल है। कार्यकर्ताओं को फर्जी मामलों में फंसाकर बदनाम करने की धमकी दी जा रही है। वरिष्ठ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को पायलट खेमे के विधायकों से दूरी रखने व उनके काम नहीं करने के लिए कहा गया है। छोटे कर्मचारियों तक को दूर-दराज के क्षेत्रों में तबादलों की धमकी दी जा रही है। सोलंकी ने आरोप लगाया कि मंत्री पायलट समर्थक विधायकों से मिल तक नहीं रहे, जबकि हम भी कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर कहा कि सो जा बेटा गब्बर आ जाएगा की तर्ज पर कांग्रेस सरकार अपने ही विधायकों को डरा रही है। कांग्रेस बताए गब्बर कब आएगा।

फिर चढ़ सकता है सियासी पारा

पायलट के खास विधायक सोलंकी द्वारा फोन टैपिंग के आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति का पारा फिर चढ़ सकता है। पिछले साल पायलट खेमे की बगावत के समय भी फोन टैपिंग के आरोप लगे थे। मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा ने ऑडियो जारी कर कथित रूप से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा व संजय जैन के बीच बातचीत का दावा किया गया था। इस बातचीत में सरकार गिराने की बात कही गई थी। उस समय सरकार ने एसओजी को जांच सौंपी थी, लेकिन बाद में बंद कर दी गई। शेखावत ने इस साल मार्च के अंत में दिल्ली पुलिस में एक एफआइआर दर्ज करवाई थी, जिसमें सीएम के ओएसडी व पुलिस अधिकारियों को आरोपित बनाया गया था।