जोधपुर, संवाद सूत्र। जोधपुर में अस्थायी रहवासी और वीजा मांगने वाले पाक विस्थापितो को फर्जी स्पॉन्सरशिप सर्टिफिकेट बना कर देने वाले एजेंटों के गोरखधंधे को इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट ने उजागर किया है।गत दिनों काफी संख्या में पाक विस्थापितों को जोधपुर के करवड़ क्षेत्र में रोका गया था। इनके दस्तावेजों की जांच इंटेलीजेंस द्वारा की जा रही है। दस्तावेजों की जांच में दो शख्स के खिलाफ फर्जी कागजात का दुरूपयोग कर पासपोर्ट वीजा के लिए आवेदन करना सामने आया। इस पर अब पारपत्र एवं विदेशी अनुसंधान इंटेलीजेंस के प्रभारी निरीक्षक मोहनदास की तरफ से उदयमंदिर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया गया है।

जोधपुर शहर के गांगाणी, झंवर और सालवास क्षेत्र में कई पाक विस्थापित निवास कर रहे है। इन्हें वापस पाकिस्तान भेजे जाने की प्रकिया भी चलती आ रही है। कोविड-19 के समय जोधपुर से कई बसों में सवार होकर पाक विस्थापितों के पंजाब के रास्ते पाकिस्तान जाने की बात सामने आई थी जिसके बाद इन बसों को रोककर पड़ताल की गई थी। इस पड़ताल में इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ है जिसमें की पाक नागरिकों की गारंटी देने के नाम से एजेंट इन से बड़ी संख्या में धनराशि वसूल रहे हैं।

दर्ज रिपोर्ट में पारपत्र एवं विदेशी अनुसंधान इंटेलीजेंस के मोहनदास ने बताया कि झंवर रोड स्थित अलकोसर निवासी महराज पुत्र हरको भील एवं धर्मकांटे के सामने रामनगर बोरानाडा निवासी नृसिंह पुत्र धूड़ाराम ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट वीजा के लिए आवेदन किया था। इनके दस्तावेजों की जांच के बाद खुलासा हो पाया। उदयमंदिर पुलिस ने बताया कि घटना में धेाखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया है। दस्तावेज कचहरी परिसर से तैयार करवाए गए है। इसमें अब एसआई सोहनलाल की तरफ से अनुसंधान किया जा रहा है।

Edited By: Vijay Kumar