जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के किसानों और व्यापारियों को इस साल प्याज के भावों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद थी, लेकिन पिछले दो सप्ताह से हो रही बारिश के कारण खेतों में प्याज की फसल खराब हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण सबसे ज्यादा प्याज अलवर और जयपुर जिलों में खराब हुआ है। इन दोनों जिलों से प्याज दिल्ली और हरियाणा में भेजा जाते है। अलवर जिले में कई किसानों ने तो प्याज की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया है। ट्रैक्टर चलाकर प्याज को नष्ट कर के अगली फसल की तैयार की जा रही है। किसानों ने बर्बाद हुई प्याज की फसल से परेशान किसानों को राहत देने के लिए मुआवजे की मांग की है। किसानों की मांग है कि हमेशा के लिए फसल बीमा कंपनियों को प्याज की फसल का बीमा करना चाहिए, यह अब तक नहीं किया जा रहा है। इस मामले में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया का कहना है कि बारिश के कारण कई जिलों में प्याज की फसल खराब होने की जानकारी मिली है। सबसे ज्यादा नुकसान अलवर जिले में हुआ है। सरकार इसकी जानकारी करा रही है। इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

दूसरी फसल बोने की तैयारी में जुटे किसान

किसानों और कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अलवर जिले में करीब 30 हेक्टेयर के खेत में प्याज बोया गया था। किसानों का कहना है कि एक हेक्टेयर के खेत में प्याज पैदा होने तक करीब एक लाख रुपये का खर्चा होता है। अलवर के मालाखेड़ा निवासी किसान रामजीलाल और बद्रीनारायण का कहना है कि कर्ज लेकर प्याज की फसल बोई थी, लेकिन अब तक बारिश के कारण प्याज खराब हो गया तो कर्ज ज्यादा बढ़ जाएगा। सरकार को राहत देनी चाहिए। कोटपूतली के किसान गोवर्धन ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों से प्याज को नष्ट कर के सरसों की फसल बोने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के अतिरिक्त देश के आधा दर्जन राज्यों में प्याज की पैदावार होती है। साल, 2019 में एक बार ऐसा मौका भी आया था, जब भारत में प्याज के भार 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। इसके बाद अफगानिस्तान से करीब दो हजार टन प्याज का आयात किया गया था। इसके बाद प्याज के भावों में कमी आई थी। फसल खराब होने से इस बार फिर प्याज के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस बार अलवर जिले में 640 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। अलवर जिले में मालाखेड़ा के किसानों ने उपखंड अधिकारी अनुराग हरीत को ज्ञापन देकर तुरंत मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra