जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के पाली जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अब डिस्पोजेबल बैडशीट इस्तेमाल की जा रही है। यह बैडशीट दो दिन तक बिछाने के बाद मेडिकल अपशिष्ट के साथ नष्ट की जा सकती है और इनकी कीमत सिर्फ 35 रूपए है। पाली मेें कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में इनका उपयोग किया जा रहा है।

पाली जिला प्रशासन ने यहां के उद्यमियों से संपर्क कर इन बैडशीट्स को तैयार कराया है। ये नॉन वोवन फ्रेबिक यानी प्योर पॉलीपॉप मेटेरियल के कपड़े से तैयार करवाई गई हैं। यह मरीजों को ना केवल संक्रमण से बचाती है, बल्कि मरीज के लिए आरामदायक भी है। यहां अब तक कोरोना मरीजों के लिए सामान्य बेडशीट का ही इस्तेमाल हो रहा था, जिसे धोने के बाद फिर से इस्तेमाल किया जाता था। यह काफी महंगा पड़ता है, क्योंकि एक बैडशीट की कीमत करीब 300 रूपए है और उसे हर दिन धुलवाने का खर्च अलग से होता है जो करीब 75 से 100 रूपए तक पड़ता है। इसके बाद भी संक्रमण की गुंजाइश बनी रहती है।

इस बारे में यहां के जिला कलेक्टर अंशदीप ने उद्यमियों से चर्चा की और एक ज्यादा बेहतर उपाय के बारे में विचार किया गया। चर्चा के बाद सामने आया कि डाॅक्टरों और नर्सिंगकर्मियों के पीपीई किट की तरह डिस्पोजेबल बेडशीट तैयार की जा सकती है। इसके लिए गुजरात के सिलवासा से कपड़ा मंगवाकर इसकी बैडशीट तैयार करवाई गई। इसके उपयोग के बारे में डाॅक्टरों और विशेषज्ञों से जांच कराई गई। जांच में खरा उतरने के बाद इन्हें बड़े पैमाने पर तैयार कराया गया और पाली के बांगड अस्पताल तथा अग्रसेन वाटिका के आइसोलेशन वार्ड में कोरोना मरीजों के लिए इसका उपयोग शुरू किया गया।

डिस्पोजल बेडशीट की कीमत महज 35 रुपए है और इसे अधिकतम दो दिन तक उपयोग कर नष्ट किया जा सकता है। गर्मी में भी यह बेडशीट आरामदायक है। गौरतलब है कि पाली में ही इससे पहले फालना में छाते बनाने के काम आने वाले कपड़े का उपयोग कर पीपीई किट तैयार कराए गए थे, जिनके कोविड़ 19 की गाइडलाइन पर खरा उतरने के बाद पूरे प्रदेश से इनकी मांग आई।

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