जयपुर, जेएनएन। Multi Storey Building. राजस्थान के शहरों में अब बहुमंजिला इमारतें अब 60 फीट से चौड़ी सड़क पर ही बन सकेंगी। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए इन इमारतों में कम से कम 20 प्रतिशत ग्रीन एरिया रखना होगा। यह प्रावधान राजस्थान में बहुमंजिला इमारतों के लिए तैयार किए गए नए नियमों में किए गए है। ये नियम जल्द ही जारी किए जाएंगे। राजस्थान में लंबे समय से रीयल एस्टेट बाजार में मंदी की स्थिति है, क्योंकि नई बहुमंजिला इमारतों के निर्माण को मंजूरी नहीं मिल रही है।

दरअसल, राजस्थान हाई कोर्ट ने जनवरी 2017 में शहरों के मास्टप्लान से जुड़ी एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिए थे कि राज्य सरकार शहरों में बहुमंजिला इमारतें तय करने के लिए जोनल डवलपमेंट प्लान या मास्टरप्लान में जगह तय करे। यह भी कहा गया था कि मौजूदा कॉलोनियों में रह रहे निवासियों के अधिकारों पर प्रतिकूल असर डालने वाली इन इमारतों की स्वीकृति नहीं दी जाए। इस आदेश के बाद शहरी निकायों ने बहुमंजिला इमारतों की स्वीकृति देना लगभग बंद कर दिया। ऐसे में पुराने एवं नए सभी प्रोजेक्ट अटक गए। करीब तीन साल से आ रही इस रूकावट को दूर करने के लिए मौजूदा सरकार ने बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के नए नियम तैयार कराए है।

ये नियम जल्द ही लागू किए जाएंगे। नए नियमों में पहली बार रिडेवलपमेंट का प्रावधान भी शामिल किया गया है। इसके तहत पहले से विकसित कॉलोनी में बिल्डर या नगरीय निकाय चाहें तो खाली पड़े भूखंडों को एक साथ मिला कर नई ग्रुप हाउसिंग योजना ला सकेंगे। लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि इस योजना का उस कॉलोनी में रह रहे अन्य लोगों के हितों पर किसी भी प्रकार से प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े। माना जा रहा है कि बहुमंजिला इमारतों के लिए जारी होने वाले इन नए नियमों के बाद बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में आ रही अड़चनें दूर हो सकेंगी।

ये हैं प्रस्तावित नए नियम

- निकायों को इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन की योजना तैयार करनी होगी।

- इन इमारतों के निर्माण के लिए अब कम से कम 1500 वर्गमीटर भूमि आवश्यक होगी। अभी तक 1000 वर्ग मीटर में भी इमारतें बन रही थी।

- 100 फीट चौड़ी सड़क तक इमारत की अधिकतम ऊंचाई 24 मीटर ही होगी।

- 100 फीट से अधिक चौड़ी सड़क पर सड़क की चौड़ाई के डेढ़ गुना के बराबर इमारत की ऊंचाई रह सकेगी।

- 12 मीटर या इमारत की ऊंचाई का एक-चौथाई, जो भी अधिक होगा। उसके अनुसार सेटबैक छोड़ने होंगे।

- ऐसे प्रोजेक्ट के लिए जयपुर में कम से कम दो हेक्टेयर और अन्य शहरों में एक हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी।

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Posted By: Sachin Mishra

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