जयपुर, मनीष गोधा। राजस्थान भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मंगलवार को विजयदशमी के मौके पर औपचारिक तौर पर पदभार संभाल लिया। इसके साथ ही उन्होंने 2023 में राजस्थान को कांग्रेसमुक्त बनाने और राजस्थान को भाजपा का अभेद्य किला बनाने का संकल्प भी लिया।

पितृ पक्ष के कारण पूनिया ने नियुक्ति के करीब बीस दिन बाद औपचारिक तौर पर पदभार ग्रहण किया है। पूनिया की नियुक्ति के जरिए पार्टी में साधारण कार्यकर्ता को महत्व दिए जाने और आने वाले उपचुनाव तथा निकाय चुनाव में संगठन की ताकत का प्रदर्शन करने के लिए पूनिया के पदभार ग्रहण समारोह को एक भव्य कार्यकम का रूप दिया गया। पूरे प्रदेश से करीब 15 हजार कार्यकर्ता इस मौके पर समारोह मे आए। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर, केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, संगठन प्रभारी वी सतीश, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी और अशोक परनामी सहित पार्टी के ज्यादातर, विधायक और सांसद तथ जिला अध्यक्ष आदि इस कार्यक्रम में मौजूद थे।

सभी ने एक स्वर में पूनिया के हाथ मजबूत करने की बात की और कार्यकर्ताओं से कहा कि पूनिया की नियुक्ति इस बात का प्रमाण है कि भाजपा में साधारण कार्यकर्ता भी सबसे उंचे पद पर पहुंच सकता है। यहां कार्यकर्ता की प्रतिभा, मेहनत और लगन के आधार पर उसे पद दिया जाता है। नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में उपचुनाव और निकाय चुनाव की चुनौतियां है और कार्यकर्ताओं को जो भी काम दिया जाए, वे उसे पूरी लगन के साथ करें।

राजस्थान को भाजपा का अभेद्य दुर्ग बनाएंगे

इस मौके पर सतीश पूनिया ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। यह जिम्मेदारी किसी एक नेता की मेहरबानी से नहीं मिली है। यह जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं के साथ के कारण मिली है। कार्यकर्ताओं का स्नेह और प्यार मेरी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि यह पदभार ग्रहण नहीं है, कार्यभार ग्रहण है। पद तो आते जाते रहते है। कार्यकर्ता का पद ही स्थाई है। इसे कोई हटा नहीं सकता। मेरा भी सिर्फ टाइटल बदला है काम तो वहीं है।

पूनिय ने कहा कि अब मेरा मिशन होगा राजस्थान को कांग्रेसमुक्त बनाना। जातिवाद भ्रष्टाचार और कांग्रेस की अराजकता को हम सब मिल कर खत्म करेंगे और इस मौके पर राजस्थान को कांग्रेसमुक्त बनाने का संकल्प लेते है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सत्ता विरोधी रुझान तीसरे चौथे साल में आता है, लेेकिन गहलोत सरकार के खिलाफ तो अभी से सत्ता विरोधी रुझान आने लगे हैं। 2023 के बाद राजस्थान कांग्रेसमुक्त होगा और राजस्थान को भाजपा का अभेद्य किला बनाएंगे। पूनिया ने कहा कि यह काम अभी से शुरू हो सकता है। अभी दो उपचुनाव हैं। यह जनता के साथ हुए अन्याय का बदला लेने का अवसर हैं। आगे निकाय चुनाव आएंगे। पूरी मजबूती और हिम्मत के साथ मिल कर हम काम करेंगे।

पूनिया ने कहा कि ज्यादा जोर नहीं आएगा, क्योंकि कांग्रेस ऊपर से लेकर नीचे तक बंटी हुई है। मुख्यमंत्री अपने बेटे की बेरोजगारी दूर करने में लगे हुए हैं। ऐसी कमजोर सरकार को उपचुनाव में धक्का देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब राजनीति केवल नारों की नहीं होगी, सरोकारों की होगी। हमारे कार्यकर्ता सिर्फ नारे नहीं लगाएगा, बूथ के सबसे कमजोर आदमी के आंसू पोंछने का काम भी करेगा।

नहीं आई वसुंधरा, भेजा संदेश

इस मौके पर वसुंधरा राजे और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के अलावा सभी बड़े नेता मौजूद थे। हालांकि वसुंधरा राजे ने सतीश पूनिया को इस अवसर पर बधाई संदेश भेजा। संदेश में वसुंधरा ने लिखा है कि आप युवा, मेहनती और ईमानदार छवि वाले एक अच्छे संगठनकर्ता हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए संगठन को आगे बढ़ाएंगे। वसुंधरा ने लिखा है कि आपके पदभार ग्रहण समारोह में आने की मेरी प्रबल इच्छा थी, लेकिन नवरात्रि पूजा अर्चना के तहत ब्राह्मण भोजन, कन्या प्रसादी और पूजा अर्चना का कार्यक्रम पहले से ही तय था, इसलिए कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकी।

पदभार ग्रहण से पहले कन्या पूजन

सतीश पूनिया ने पदभार ग्रहण से पहले भाजपा मुख्यालय में पत्नी, बेटे, बेटी के साथ कन्या पूजन किया और इन नन्हीं कन्याओं के चरण अपने हाथों से धोएं और कन्याओं से आशीर्वाद लिया। 

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Posted By: Sachin Mishra

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