यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पायलट के कांग्रेस छोड़ नई पार्टी बनाने की अटकलों को मुरारी लाल मीणा ने किया खारिज, कहा- सब मिलकर लड़ेंगे चुनाव
मुरारी लाल मीणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा मेरी नजर में यह अफवाह है। हम सब कांग्रेस के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जयपुर: राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के 11 जून को नई पार्टी की घोषणा करने की चर्चा चल रही है। इस बीच पायलट खेमे से अशोक गहलोत सरकार में कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारी लाल मीणा ने पायलट के नई पार्टी बनाने की चर्चाओं को आधारहीन और अफवाह बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
'सब मिलकर लड़ेंगे चुनाव'
मीणा ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा, मेरी नजर में यह सब अफवाह है। हम सब कांग्रेस के सिपाही हैं। गहलोत और पायलट दोनों ही आलाकमान से मिल चुके हैं। दोनों ने कहा है कि आलाकमान का निर्णय मानेंगे। मीणा ने कहा कि हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 11 जून को प्रतिवर्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर दौसा के भंडाना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होता है। इस बार भी 11 जून को श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। पता नहीं क्यों लोग इसके अपने हिसाब से राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं। गुर्जर छात्रावास में सचिन स्व. राजेश पायलट की मृर्ति का अनावरण करेंगे।
'हम कांग्रेसी हैं कांग्रेस में ही रहेंगे'
भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं के सवाल पर मीणा ने कहा, हम कांग्रेसी हैं। कांग्रेस में ही रहेंगे। भाजपा से हमारी विचारधारा मेल नहीं खाती है। नई पार्टी बनाने की बात पूरी तरह से गलत है। मैं समझता हूं इन बातों को दम नहीं है। उधर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा मंगलवार शाम का जयपुर पहुंचे। रंधावा ने यहां मीडिया से पायलट को जिम्मेदारी देने के सवाल पर कहा कि वक्त आने पर सभी नेताओं को उनके कद के हिसाब से जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी से मिली जिम्मेदारी को सभी नेता पूरा करेंगे। जल्द ही सबको जिम्मेदारी दी जाएगी।
गहलोत-पायलट के बीच लंबे समय से विवाद
उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के पर्चे लीक मामले में हमारी सरकार ने पहले ही सख्त कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय को कुछ भी हासिल नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि गहलोत और पायलट के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। आलाकमान ने पिछले दिनों दोनों नेताओं का पक्ष सुना और सर्वमान्य हल निकालने की बात कही है।
