उदयपुर, संवाद सूत्र। चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं से पिछले महीने अपहृत पंद्रह वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पीड़िता की मां का घिनौना चेहरा सामने आया है, जिसने चालीस हजार रुपये में अपनी बेटी का सौदा आरोपितों से कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश मूल की बेगूं की पंद्रह वर्षीय किशोरी के अपहरण का मामला पीड़िता की मां ने दर्ज कराया था। चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस ने अपहृत बालिका को भीलवाड़ा से बरामद किया और उसकी काउंसलिंग कराई तो चौकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि किशोरी का सौदा उसी की मां ने आरोपितों से चालीस हजार रुपये में कर दिया था।

खरीदारों ने दिलखुश मीणा के साथ उसका बाल विवाह करा दिया था। उसके साथ दुष्कर्म किए जाने पर पुलिस ने अपहरण के साथ दुष्कर्म का मामला भी दर्ज कर लिया था। साथ ही, पीड़िता की मां के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने पीड़िता की मां के अलावा बेगूं निवासी बाबूलाल पुत्र भैरूलाल, भीलवाड़ा निवासी घीसालाल पुत्र सौचन्द धाकड़, सिंगोली, नीमच निवासी भूरालाल पुत्र काशीराम धाकड़, पारसोली हाल भीलवाड़ा निवासी नंदूबाई पत्नी भंवरलाल भील, केकड़ी, अजमेर निवासी दिलखुश पुत्र सूरजमल मीणा, हनुमान नगर, भीलवाड़ा निवासी फूलाबाई पत्नी मदनलाल मीणा को गिरफ्तार कर लिया। जबकि रविवार रात भीलवाड़ा से कैलाश पुत्र गणपत मीणा को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। सोमवार को सभी आरोपितों की ओर से अदालत में जमानत के लिए अर्जी दायर की गई, जिसे पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया।

भाई को फोन किए जाने से हुआ खुलासा

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मां ने उसको आरोपितों को बेच दिया था। उसे आरोपित भीलवाड़ा ले गए, यहां उसकी शादी की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच, उसके हाथ एक फोन लग गया और उसने अपने भाई को फोन कर इसकी जानकारी दी। जिसके बाद भाई ने मां से बात की तो उसके अपहरण का मामला दर्ज कराए के बाद पुलिस किशोरी को बरामद करने में सफल रही।  

Edited By: Sachin Kumar Mishra