जयपुर, ब्यूरो। राजस्थान में विधानसभा चुनाव से करीब तीन माह पहले हुए छात्रसंघ चुनाव में भाजपा की विचारधारा वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषषद ने कई स्थानों पर जीत दर्ज की है। हालांकि सबसे पुराने और प्रतिष्ठित माने जाने वाले राजस्थान विश्वविद्यालय में निर्दलीयों ने परचम फहराया है। यहां एबीवीपी को सिर्फ एक सीट मिल पाई है।

प्रदेश के विश्वविद्यालय और कॉलेजों में हुए इस चुनाव को विधानसभा चुनाव की दृष्टि से अहम माना जा रहा था, क्योंकि इन चुनावों के जरिए युवाओं के रूख का अंदाजा लगता है। चुनाव परिणाम में एनएसयूआई के मुकाबले एबीवीपी का पल़़डा भारी दिख रहा है।

हालांकि राजस्थान यूनिवर्सिटी में दोनों दलों के संगठनों को लगातार तीसरी बार करारी हार का सामना करना प़़डा है। यहां एनएसयूआई के बागी उम्मीदवार विनोद जाख़़ड ने अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के राजपाल चौधरी को शिकस्त दी। इसी तरह महासचिव पद पर एबीवीपी के बागी आदित्य प्रताप सिंह ने एनएसयूआई के चेतन यादव को हराया है। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय रेनू चौधरी और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी की मीनल शर्मा ने विजय हासिल की।

ऐसे रहे परिणाम:

जयपुर के संस्कृत विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने एनएसयूआई को मात दी।

-- अजमेर के महषिर्ष दयानंद विश्वविद्यालय में 5 साल बाद एबीवीपी ने ब़़डी जीत दर्ज की।

-- भरतपुर के महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय में भी एबीवीपी का परचम फहराया।

-- कोटा विश्वविद्यालय में निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रशेखर नागर ने जीत हासिल की लेकिन गर्वनमेंट कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज में एबीवीपी जीती।

-- उदयपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने जीत हासिल की।

-- बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की। हालांकि उसे एनएसयूआई का समर्थ हासिल था।

 

Posted By: Preeti jha