जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के सीकर में लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहां तीन बच्चों के पिता इमरान ने कबीर शर्मा बनकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया और फिर शादी कर ली। उसने अपना फर्जी नाम, जाति और धर्म बदलने के साथ पूरे परिवार का फर्जी कुनबा तैयार किया और फिर युवती के साथ शादी कर ली। तीन महीने तक किसी को भनक तक नहीं लगी कि युवक ने सुबकुछ फर्जीवाड़े में किया है।

बाद में युवती के गायब होने पर उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो इमरान उर्फ कबीर की के हकीकत के बारे में जानकारी मिली। युवती के पिता ने पुलिस थाने पहुंचकर जब पूरी घटना बताई। मामला पुलिस पुलिस अधीक्षक डॉ. अमन दीप सिंह कपूर तक पहुंचा तो उन्होंने मामला दर्ज कर युवक व युवती की तलाश में पुलिसकर्मियों की तीन टीम गठित की है। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है।

दहेज में दिए 11 लाख कैश और जेवरात

युवती के घर से गायब होने के बाद उसके पिता ने कबीर शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की। तलाशी के दौरान उन्होंने युवती के पिता ने शादी के दौरान मोबाइल में खींची गई फोटो परिचितों को दिखाई। इस दौरान पता चला कि युवक का नाम कबीर शर्मा नहीं, बल्कि इमरान भाटी है। इमरान भाटी उर्फ कबीर शर्मा सीकर के वार्ड 28 अंजूमन स्कूल के पास रहने वाला इमरान पहले एक मोटर कंपनी में काम करता था। इमरान पहले से शादीशुदा है। उसकी पत्नी और तीन बच्चे घर पर ही रहते हैं।

युवती के पिता के मुताबिक, इकलौती बेटी होने के कारण उन्होंने दिल खोलकर दहेज दिया। शादी में 11 लाख रुपये कैश, पांच लाख के जेवरात, कपड़े, डेढ़ लाख रुपये रिसोर्ट का किराया, एक लाख 70 हजार रुपये खाने पर खर्च किया। शादी से पहले दोनों परिवारों ने जयपुर में एक सगाई की रस्म अदा की थी। सगाई में युवक और उसके फर्जी माता-पिता व रिश्तेदार बने लोगों ने खुद को ब्राह्मण बताया और अपने-अपने गोत्र भी बताए। उन लोगों की बात से संतुष्ट युवती के पिता ने दोनों की शादी 13 मई को तय की। युवक ने युवती के पिता को जयपुर बुलाया और लोहामंडी स्थित मातेश्वरी रिसोर्ट बुक करवा। इसके बाद तय तारीख पर युवती के परिजन शादी करने के लिए जयपुर पहुंच गए। शादी में आने वाले सभी लोग ब्राह्मण समाज के बनकर आए थे। सबने तिलक लगा रखे थे और हिंदू रीति-रिवाज में पूरी रस्म निभाई। शादी के छह दिन युवती को इमरान ने वापस सीकर भेज दिया गया। इस बीच, इमरान खुद युवती के घर पहुंचा और पत्नी के पिता से पांच लाख रुपये की जरूरत बताई।

इसके बाद वह वापस जयपुर जाने की बात कहकर चला गया। युवक के लगातार दबाव के चलते पिता ने अपने परिचित से ढाई लाख रुपये उधार लिए। इसके बाद युवती 17 मई की रात घर से गायब हो गई। घर में रखे ढाई लाख रुपये, उसकी मां के लाखों के जेवरात भी गायब थे। मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस अभी तक कबीर बने इमरान व उसके फर्जी परिवार, रिश्तेदारों तक नहीं पहुंच पाई है। इसकी वजह है कि आरोपितों ने बहुत ही चालाकी से पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। शादी के लिए वीडियो और फोटोग्राफर भी जालसाजों ने खुद ही तय किए थे। हालांकि, मोबाइल से खींचे गए कुछ फोटो युवती के परिवार के पास है। उनमें साफ दिख रहा है कि शादी की रस्में हिंदू रीति-रिवाज से निभाई गई हैं। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Edited By: Sachin Mishra