जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को सुप्रीम टेलर्स के मालिक कन्हैयालाल की गर्दन काटकर की गई हत्या के बाद उनके स्वजन सदमे में हैं। बुधवार को कन्हैयालाल का शव जब सरकारी अस्पताल की मोर्चरी से उसके घर पहुंचा तो रोते हुए उनकी बड़ी बहन नीमा देवी बोली, हमें इंसाफ चाहिए। मेरे भाई को जिसने काटा, वैसे उसको भी काटो। नीमा देवी बोली, मेरा भाई बहुत अच्छा था, उसने किसी से संबंध नहीं बिगाड़े थे। हम तीन बहनों का अकेला भाई थी।

दुकान से ही घर खर्च चलता था

कन्हैयालाल की पत्नी जसोदा देवी ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि मेरे पति के हत्यारोपितों को फांसी देनी चाहिए। वे पिछले कुछ दिनों से परेशान थे, चिंता में रहते थे। लेकिन घर में कुछ नहीं बताते थे। तीन साल पहले लोन पर घर लिया था। दुकान से ही घर खर्च और लोन की किस्त चुकाते थे। जसोदा बोली, हमारी दुकान में मुस्लिम कारीगर भी रहे हैं। हमेशा उनको भाई समझा है। कारीगरों को दीवाली पर मिठाई देते थे। ईद पर खुद कारीगरों के घर जाते थे।

मुख्यमंत्री निवास के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति मांगी

महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राज्यवर्धन सिंह परमार ने अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के स्थान पर प्राचीन हिंदू मंदिर होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अजमेर दरगाह में हिंदू मंदिर होने का सर्वे करवाए जाने की मांग को लेकर सेना के 500 कार्यकार्ता तीन जुलाई को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। परमार ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अजमेर दरगाह के स्थान पर शिव मंदिर होने को लेकर पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस मामले को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि दरगाह प्राचीन हिंदू मंदिर है। वहां की दीवारों और खिड़कियों पर स्वास्तिक व अन्य हिंदू धर्म से संबंधित चिन्ह मिले हैं। उन्होंने अजमेर स्थित अढाई दिन के झोंपड़े की जगह संस्कृत विघालय और विष्णु मंदिर होने का भी दावा किया है।

नाटकीय रहा कन्हैयालाल के हत्यारोपितों की गिरफ्तारी का घटनाक्रम, 170 किलोमीटर दूर से पकड़ा

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल के दोनों हत्यारोपितों को पकड़ने में पुलिस ने तत्परता दिखाई। आरोपितों को चार घंटे में170 किलोमीटर दूर जाकर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कन्हैयालाल की ओर से जताई गई हत्या की आशंका को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया था। हत्यारोपितों मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद के हत्यारों को पकड़ने का घटनाक्रम काफी नाटकीय रहा। कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद दोनों हत्यारोपितों ने भागने की बहुत कोशिश की, लेकिन पुलिस के चंगुल में फंस गए । बाइक से फरार हुए हत्यारों को पुलिस ने राजसमंद जिले के भीम में मंगलवार शाम करीब सात बजे पकड़ा था ।

ऐसे पकड़े गए 

हत्या के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने मृतक कन्हैयालाल की दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में नजर आए हत्यारोपितों के चेहरों और बाइक के नंबर से उनकी पहचान की । इसके बाद उदयपुर के साथ ही आसपास के जिलों में पुलिस को संदेश देकर सर्तक किया गया। राजसमंद पुलिस को सूचना मिली कि हत्यारोपित भीम-देवगढ़ की तरफ बाइक से भागे हैं। मोाबइल से उनकी लोकेशन ट्रेस हो गई । भीम में डाक बंगले के बाहर नाकेबंदी की गई। पुलिस को देखते ही हत्यारोपित कस्बे में घुस गए । शक के आधार पर पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया । हत्यारोपित कस्बे से बाहर निकलकर अजमेर की तरफ जाने लगे । इस पर भीम और देवगढ़ थाना पुलिस ने आड़वाला मोड़ पर दोनों को घेर लिया । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने दोनों की जमकर पिटाई की । बाल पकड़कर जीन में डाल दिया और फिर उदयपुर ले गई । हत्यारोपितों के पकड़े जाने की सूचना मिलने पर भीम थाने के बाहर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हत्यारोपितों को गिरफ्तार किए जाने पर पांच पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड देने की बात कही है।

मंत्री और डीजीपी उदयपुर गए, हिंसा के मामले में 40 हिरासत में

कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार रात को गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव, मुख्य सचिव उषा शर्मा और पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर को उदयपुर भेजा है। बुधवार को कन्हैयालाल की हत्या के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में देर शाम तक 40 लोगों को हिरासत में लिया है। हिंसा में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था।

Edited By: Sachin Kumar Mishra