जयपुर, जागरण संवाददाता। आरक्षण की मांग को लेकर दो गुटों में बंटे गुर्जर समाज की भरतपुर जिले के ही दो अलग-अलग गांवों में महापंचायत हुई। हालांकि मुख्य महापंचायत गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई में हुई।

महापंचायत में 23 मई को भरतपुर जिले के पीलुकापुरा गांव में अब तक आंदोलनों के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजली सभा आयोजित कर भविष्य के आंदोलन की रणनीति बनाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार सुबह कर्नल बैँसला की अगुवाई में भरतपुर जिले के अड्डा गांव में महापंचायत शुरू होते ही गुर्जर नेताओं ने सोमवार को सरकार के साथ हुई वार्ता और सरकार से मिले प्रस्ताव की जानकारी देना प्रारम्भ किया तो लोग भड़क गए और आंदोलन की घोषणा करने पर अड़ गए। एक बार तो उग्र लोगों ने बैंसला और गुर्जर नेताओं की बात सुनने से ही इंकार कर दिया।

लोगों ने साफ कहा कि हमें सरकारी प्रस्ताव नहीं सुनना, आंदोलन की रूपरेखा सुननी है। काफी हंगामे के बाद लोग बैंसला को सुनने के लिए तैयार हुए। बैंसला ने कहा कि, मै पिछले आंदोलनों की गलती नहीं करना चाहता,पहले हमारे समाज के काफी लोग मारे जा चुके हैं । इस बार हम रणनीति बनाकर आंदोलन करेंगे । इसके लिए 23 मई को पीलुकापुरा गांव में श्रद्धांजली सभा में आंदोलन को लेकर रणनीति तय करने की बात कही । इसके बाद महापंचायत समाप्त हो गई ।

तेज आंधी और बारिश के कारण एक बार तो महापंचायत में शामिल होने आए लोगों को बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। हालांकि करीब आघा घंटे बाद फिर महापंचायत हुई। भरतपुर जिले के ही मोरोली गांव में गुर्जर समाज के एक अन्य गुट की महापंचायत हुई,लेकिन इसमें भी कोई निर्णय नहीं हो सका। गुर्जर समाज के अब तक के हिंसक आंदोलनों को देखते हुए सरकार ने दो दिन पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी थी।

भरतपुर,करौली और दौसा जिलों के करीब 300 गांवों एवं कस्बों में इंटरनेट सेवा दो दिन पहले से ही बंद कर दी गई,हालांकि सरकार ने अधिकारिक रूप से 100 गांवों में इंटरनेट बंद करने की बात ही कही है। लेकिन हकीकत में 300 गांवों में इंटरनेट सेवा बंद है।

पूरे भरतपुर जिले में धारा 144 लागू करने के साथ ही करौली और दौसा जिलों के कुछ क्षेत्रों में भी धारा 144 जारी है। सरकार ने रेलवे पुलिस बल की 3 अौर पुलिस की 5 कंपनियां तैनात की गई है। पैरा मिलिट्रीफोर्स के जवानों को रेलवे ट्रैक और जयपुर-आगरा राजमार्ग पर भी आगामी आदेश तक तैनात किया गया है। मंगलवार को भरतपुर और करौली जिलो के अधिकांश हिस्सों में रोड़वेज बसों का संचालन बंद रहा,निजी वाहन भी नहीं चले । उल्लेखनीय है कि करीब एक दशक से अब तक विभिन्न चरणों में हुए गुर्जर आंदोलन के दौरान 72 लोगों की मौत हुई है।

जाट समाज ने कहा,ओबीसी कोटे को वर्गीकरण हुआ तो आंदोलन करेंगे

एक तरफ तो गुर्जर समाज ओबीसी के 21 प्रतिशत कोटे का वर्गीकरण करते हुए 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है । वहीं मंगलवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार गुर्जर समाज को 5 प्रतिशत आरक्षण दे, इस पर किसी को आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि ओबीसी कोटे में से वर्गीकरण किया गया तो जाट समाज खुलकर आंदोलन करेगा।

फौजदार ने कहा कि सरकार लोगों में आपस में भाईचारा बिगाड़ना चाहती है,लेकिन जाट समाज बिगड़ने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज की भावना हमेशा गुर्जर समाज के साथ रही है,लेकिन सरकार दोनों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है ।  

By Preeti jha