जयपुर, जेएनएन। राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर ने शुक्रवार सुबह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 15 दिनों से चंबल के बीहड़ों में डकैत जगन को पकड़ने में नाकाम रही पुलिस, जगन को जंगल से लेकर अब धौलपुर पहुंच रही है। जगन गुर्जर ने पुलिस के आगे चौथी बार आत्मसमर्पण किया है। 

धौलपुर में दस्यु जगन गुर्जर की तलाश में बीहड़ों में पुलिस टीमें लगातार तलाशी अभियान छेड़े थी और जगन को अपनी जान का खतरा बना हुआ था। बुधवार रात जगन ने मीडिया संस्थानों में फोन कर बताया कि गुरुवार सुबह वो आत्मसमर्पण करने जा रहा है। इसी महीने जेल से बाहर आए कुख्तात डकैत जगन गुर्जर ने धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में 12 जून को दो महिलाओं से मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था। तब से पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। यही वजह है कि उसने खुद आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया है।  

 40 हजार का इनामी है जगन, यह उसका चौथा सरेंडर

राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर (49) ने शुक्रवार को धौलपुर जिले के जंगलों में आत्मसमर्पण कर दिया। जिला पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और बाड़ी पुलिस थाना अधिकारी हीरालाल मीणा सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जगन गुर्जर ने आत्मसमर्पण किया। सरेंडर करने के बाद पुलिस अधिकारी जगन गुर्जर को लेकर धौलपुर पहुंचे। अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले भी वह तीन बार सरेंडर कर चुका है। 12 जून धौलपुर जिले के एक गांव में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और ग्रामीणों से मारपीट करने के बाद पुलिस से बचने के लिए जगन गुर्जर चंबल के बीहड़ों में छिप गया था।

अतरिक्त पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में पुलिस के करीब 150 जवान जगन गुर्जर को तलाशने में जुटे थे। तीन दिन पहले प्रदेश के पूर्व विधायक भैरोंसिह गुर्जर के माध्यम से जगन गुर्जर ने सरेंडर करने का संदेश सरकार तक पहुंचाया था और फिर गुरूवार देर रात खुद ने मीडिया एवं पुलिस को फोन पर शुक्रवार सुबह सरेंडर करने की जानकारी दी।

40 हजार के इनामी डकैत जगन गुर्जर के आतंक पर अंकुश लगाने के लिए संसद में आवाज उठ चुकी है। नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में जगन गुर्जर का एनकाउंटर करने की मांग उठाई थी। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते जगन गुर्जर ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया। उसके पास से पुलिस ने एक रायफल बरामद की है। जगन गुर्जर को सरेंडर कराने में उन पुलिसकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही जिन्होंने पिछली बार उसे सरेंडर करवाया था। उसके गैंग में 25 लोग है। जगन गुर्जर ने गुरूवार रात कहा था कि पुलिस में मेरे समाज के लोग है,जिन पर मुझे पूरा भरोसा है।

जगन गुर्जर ने पुलिस को बताया कि 12 जून को उसने महिलाओं को निर्वस्त्र नहीं किया,मारपीट जरूर की थी।राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में जगन गुर्जर के खिलाफ लूट, फिरौती, अपहरण, नकबजनी और डकैती से जुड़े 100 से अधिक मामले दर्ज है। 

1994 में जीजा की हत्या के बाद गैंग बनाया था 

डकैत जगन गुर्जर ने शुक्रवार को चौथी बार सरेंडर किया है। उससे धौलपुर के सादाबाड़ी पुलिस थाने में प्रारंभिक पूछताछ की गई अब धौलपुर मुख्यालय पर पूछताछ होगी। जगन गुर्जर धौलपुर के भावतीपुरा गांव का रहने वाला है। साल 1994 में अपने जीजा की हत्या के बाद जगन गुर्जर ने पत्नी, दो भाईयों एवं अन्य लोगों के साथ मिलकर गैंग बनाई थी। 2001 में उसने धौलपुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बीजू जार्जग जोसफ के समक्ष सरेंडर किया,लेकिन कुछ समय बाद फिर डकैती में सक्रिय हो गया। 30 जनवरी,2009 को धौलपुर को कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समक्ष सरेंडर किया था। उसके बाद जगन गुर्जर ने अपनी बेटी का विवाह किया और शांति का रास्ता अपनाने की कसम खाई थी। लेकिन कुछ समय बाद वह फिर  सक्रिय हो गया। चंबल में बीहड़ में आतंक का पर्याय बना जगन गुर्जर 19 अगस्त, 2018 को भरतपुर के बयाना में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक मालिनी अग्रवाल के समक्ष सरेंडर कर चुका है । 

Posted By: Preeti jha

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