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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खोला गया देश का सबसे बड़ा वन्यजीव ओवरपास, वाहनों के शोर से जानवरों को नहीं होगी परेशानी

Published: Mon, 30 Mar 2026 02:00 AM (IST)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रणथंभौर के पास देश का सबसे बड़ा 11.5 किमी लंबा वन्यजीव ओवरपास एकतरफा यातायात के लिए खुल ...और पढ़ें

देश का सबसे बड़ा वन्यजीव ओवरपास खोला गया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

देश का सबसे बड़ा वन्यजीव ओवरपास खोला गया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. देश का सबसे लंबा 11.5 किमी वन्यजीव ओवरपास खुला।

  2. जानवरों की सुरक्षित आवाजाही, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा।

  3. प्राकृतिक डिजाइन, ध्वनि अवरोधक, उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे।

जागरण संवाददाता, जयपुर। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बने देश के सवसे बड़े 11.5 किमी लंबे ओवरपास को एकतरफा यातायात ( दिल्ली से कोटा) के लिए खोल दिया गया है। इस ओवरपास का अहम हिस्सा 3.7 किमी लंबा है। जो 500-500 मीटर के 5 ओवरपास और 1.2 किमी अंडरपास से लैस है। इसका उद्देश्य जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।

राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बफर जोन से गुजर रहे इस एक्सप्रेसवे के करीब 12 किलोमीटर लंबे हिस्से पर वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए गए हैं। यहां बना 1.2 किमी लंबा अंडरपास देश का सबसे लंबा वन्यजीव अंडरपास है। वहीं ओवरपास 11.5 किलोमीटर लंबा है। जहां वन्यजीवों और यातायात के सह-अस्तित्व को न्यूनतम व्यवधान के साथ सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंजीनियरिंग उपाय किए गए हैं।

ओवरपास को दिया गया प्राकृतिक रूप

ओवरपास को प्राकृतिक रूप देने के लिए उनके पास बड़ी संख्या में पेड़-पौधे लगाने के साथ ही झाड़ियों से ढ़का गया है। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ चार मीटर ऊंची दीवार बनाने के साथ ही दो मीटर ऊंचे ध्वनी अवरोधक लगाए गए हैं, जिससे वाहनों के शोर से जानवरों को परेशानी नहीं हो।

पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील 12 किलोमीटर लंबे क्षेत्र से गुजरने वाली 765 केवी की वाली बिजली की लाइनों को भी स्थानांतरित किया गया है। इस कोरिडोर को प्राकृतिक जंगल के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

हाई क्वालिटी के कैमरे लगाए

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के परियोजना प्रबंधक संदीप ने अग्रवाल ने बताया कि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर उच्च गुणवत्तायुक्त कैमरे लगाए गए हैं।

लार्सन एंड टुब्रो द्वारा लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह ओवरपास रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभ्यारण्य, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और कुनो राष्ट्रीय उद्यान के कुछ हिस्सों सहित प्रमुख वन्यजीव आवासों को जोड़ता है, जिससे एक निरंतर पारिस्थितिक गलियारा बनाता है। एक्सप्रेसवे पर लगभग 1,500 एलईडी लाइटें लगाई गई हैं ताकि वाहन चालक ढके हुए रास्तों से गुजर सकें और वन्यजीवों की आवाजाही को प्रभावित किए बिना सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।